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Udhampur News: वीबीजीरामजी में खराब प्रदर्शन पर 12 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
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किश्तवाड़। उपायुक्त किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा के निर्देश पर सहायक आयुक्त विकास मनोज कुमार ने बुधवार को द्राबशाला, त्रिगाम, नागसैनी और पलमाड़ विकासखंडों में वीबीजीरामजी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, जिला व केंद्र शासित प्रदेश पूंजीगत योजनाओं समेत विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा की।
बैठक में पंचायतवार प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और लंबित कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। वीबीजीरामजी के तहत रोजगार सृजन की समीक्षा के दौरान कुछ पंचायतों में निर्धारित व्यक्ति-दिवस के मुकाबले कम रोजगार उपलब्ध करवाए जाने पर सहायक आयुक्त विकास ने गंभीर नाराजगी जताई।
खराब प्रदर्शन और कम व्यक्ति दिवस सृजन को गंभीरता से लेते हुए 12 अधिकारियों व संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। संबंधित अधिकारियों से खराब प्रगति के कारण स्पष्ट करने और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही या कोताही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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बैठक में रोजगार गारंटी कार्ड धारकों के ई-केवाईसी की भी समीक्षा की गई। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा पात्र लाभार्थियों को रोजगार का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों के ई-केवाईसी को शत-प्रतिशत पूरा करने के साथ अभिलेखों और प्रबंधन सूचना प्रणाली को अद्यतन करने पर भी जोर दिया गया।
सहायक आयुक्त विकास ने क्षेत्र अधिकारी एप के माध्यम से कार्यों की निगरानी को प्रभावी बनाने, नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और निरीक्षण रिपोर्ट समय पर अपलोड करने के निर्देश दिए। मनरेगा के तहत लंबित सामग्री भुगतान को निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने और धनराशि उपलब्ध होने की स्थिति में दो दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान पोस्ट डिलीशन मॉड्यूल, स्थायी प्रतीक्षा सूची जमा करने, लंबित मामलों और डिफॉल्टर लाभार्थियों से वसूली की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को सभी लंबित प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिला पूंजीगत योजना और केंद्र शासित प्रदेश पूंजीगत योजना के तहत चल रहे और लंबित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। सहायक आयुक्त विकास ने कार्यों की गति तेज करने और विकास निधि को ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस परिसंपत्तियों एवं बेहतर सुविधाओं में बदलने पर जोर दिया।
बैठक में खंड विकास अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, कनिष्ठ अभियंताओं, लेखा अधिकारियों, पंचायत सचिवों, पंचायत सहायकों, प्रबंधन सूचना प्रणाली संचालकों और ग्राम रोजगार सहायकों को आपसी समन्वय से काम करने तथा सभी अभिलेख और प्रबंधन सूचना प्रणाली समय पर अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पलमाड़ की खंड विकास अधिकारी चंदन मनहास, द्राबशाला के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार, ग्रामीण अभियंत्रण विंग के कार्यकारी अभियंता केवल सिंह, त्रिगाम के खंड विकास अधिकारी रूपेश शर्मा और नागसैनी के खंड विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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बैठक में पंचायतवार प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं और लंबित कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। वीबीजीरामजी के तहत रोजगार सृजन की समीक्षा के दौरान कुछ पंचायतों में निर्धारित व्यक्ति-दिवस के मुकाबले कम रोजगार उपलब्ध करवाए जाने पर सहायक आयुक्त विकास ने गंभीर नाराजगी जताई।
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खराब प्रदर्शन और कम व्यक्ति दिवस सृजन को गंभीरता से लेते हुए 12 अधिकारियों व संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। संबंधित अधिकारियों से खराब प्रगति के कारण स्पष्ट करने और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही या कोताही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
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बैठक में रोजगार गारंटी कार्ड धारकों के ई-केवाईसी की भी समीक्षा की गई। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा पात्र लाभार्थियों को रोजगार का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों के ई-केवाईसी को शत-प्रतिशत पूरा करने के साथ अभिलेखों और प्रबंधन सूचना प्रणाली को अद्यतन करने पर भी जोर दिया गया।
सहायक आयुक्त विकास ने क्षेत्र अधिकारी एप के माध्यम से कार्यों की निगरानी को प्रभावी बनाने, नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और निरीक्षण रिपोर्ट समय पर अपलोड करने के निर्देश दिए। मनरेगा के तहत लंबित सामग्री भुगतान को निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने और धनराशि उपलब्ध होने की स्थिति में दो दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान पोस्ट डिलीशन मॉड्यूल, स्थायी प्रतीक्षा सूची जमा करने, लंबित मामलों और डिफॉल्टर लाभार्थियों से वसूली की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को सभी लंबित प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिला पूंजीगत योजना और केंद्र शासित प्रदेश पूंजीगत योजना के तहत चल रहे और लंबित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। सहायक आयुक्त विकास ने कार्यों की गति तेज करने और विकास निधि को ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस परिसंपत्तियों एवं बेहतर सुविधाओं में बदलने पर जोर दिया।
बैठक में खंड विकास अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, कनिष्ठ अभियंताओं, लेखा अधिकारियों, पंचायत सचिवों, पंचायत सहायकों, प्रबंधन सूचना प्रणाली संचालकों और ग्राम रोजगार सहायकों को आपसी समन्वय से काम करने तथा सभी अभिलेख और प्रबंधन सूचना प्रणाली समय पर अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पलमाड़ की खंड विकास अधिकारी चंदन मनहास, द्राबशाला के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार, ग्रामीण अभियंत्रण विंग के कार्यकारी अभियंता केवल सिंह, त्रिगाम के खंड विकास अधिकारी रूपेश शर्मा और नागसैनी के खंड विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।