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Udhampur News: डेंगू का बढ़ा खतरा, अगस्त माह में पांच पांच मामले, मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 15
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उधमपुर। बरसात के बीच डेंगू मलेरिया का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। अगस्त और सितंबर को डेंगू के लिहाज से पीक समय माना जाता है। मौजूदा समय में पिछले कुछ दिनों में डेंगू के 5 और मलेरिया का एक मामला सामने आया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में अब तक डेंगू के 15 मामले सामने आए हैं। इसमें जनवरी में 3 मामले मिले थे, जून में 6 और मरीजों की संख्या दर्ज की गई थी जबकि 3 अगस्त को भी डेंगू टेस्ट के दौरान एक व्यक्ति पाजीटिव पाया गया था। डेंगू की रोकथाम को लेकर लगातार जारी अभियान के दौरान पिछले 15 दिनों में 6 और मामले सामने आए है। वहीं मलेरिया के अब तक कुल दो मामले हैं। विभाग की ओर से क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ-साथ लोगो को मच्छरों से बचाव और बीमारी के लक्षणों के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपाने का खतरा बढ़ जाता है। घरों के आसपास जमा पानी कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकिया और अन्य बर्तनों में लंबे समय तक पानी रहने पर मच्छरों को पनपने का मौका मिलता है। ऐसे में पानी को जमा न होने देने और आसपास सफाई रखना जरूरी है।
डेंगू की स्थिति में तेज बुखार, सिरदर्द, आखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं मलेरिया में बुखार के साथ ठंड लगना, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द जैसी समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। बरसात के दौरान घरों और आसपास पानी जमा न होने देने और आसपास सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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कोट
अगस्त और सितंबर माह में डेंगू का खतरा अधिक रहता है। इसलिए किसी को भी बुखार या डेंगू- मलेरिया से जुड़े लक्षण दिखई दें तो नजरअंदाज न करें तुरंत डाक्टर से जांच करवाए, ताकि समय पर बचाव किया जा सके।
- डाॅ. मोहम्मद लतीफ, जिला मलेरिया अधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में अब तक डेंगू के 15 मामले सामने आए हैं। इसमें जनवरी में 3 मामले मिले थे, जून में 6 और मरीजों की संख्या दर्ज की गई थी जबकि 3 अगस्त को भी डेंगू टेस्ट के दौरान एक व्यक्ति पाजीटिव पाया गया था। डेंगू की रोकथाम को लेकर लगातार जारी अभियान के दौरान पिछले 15 दिनों में 6 और मामले सामने आए है। वहीं मलेरिया के अब तक कुल दो मामले हैं। विभाग की ओर से क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ-साथ लोगो को मच्छरों से बचाव और बीमारी के लक्षणों के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपाने का खतरा बढ़ जाता है। घरों के आसपास जमा पानी कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकिया और अन्य बर्तनों में लंबे समय तक पानी रहने पर मच्छरों को पनपने का मौका मिलता है। ऐसे में पानी को जमा न होने देने और आसपास सफाई रखना जरूरी है।
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डेंगू की स्थिति में तेज बुखार, सिरदर्द, आखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं मलेरिया में बुखार के साथ ठंड लगना, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द जैसी समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। बरसात के दौरान घरों और आसपास पानी जमा न होने देने और आसपास सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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अगस्त और सितंबर माह में डेंगू का खतरा अधिक रहता है। इसलिए किसी को भी बुखार या डेंगू- मलेरिया से जुड़े लक्षण दिखई दें तो नजरअंदाज न करें तुरंत डाक्टर से जांच करवाए, ताकि समय पर बचाव किया जा सके।
- डाॅ. मोहम्मद लतीफ, जिला मलेरिया अधिकारी