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Udhampur News: महिलाओं को सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों के बारे जागरूक किया
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उधमपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम-उम्मीद) के अंतर्गत पंचायत लाटी-ए और पंचायत छप्पड़-ए में संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम करवाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और आजीविका से संबंधित पहल के बारे में जागरूक करना था।
ब्लॉक मास्टर ऑडिटर मोहन लाल, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर केवल कुमार, दोनों पंचायतों से जुड़े कम्युनिटी मोबिलाइजर, स्टाफ एवं कैडर सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। पूर्व सरपंच कस्तूरी लाल गुप्ता, बेअंत गुप्ता और नंबरदार ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस दौरान पोषण और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लागू समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की गई। साथ ही अवगत कराया कि मनरेगा को अब विकसित भारत (वीबी-जी राम जी) के रूप में पुनः नामित किया गया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी की सीमा 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण परिवारों विशेषकर महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को बल मिलेगा।
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बीपीएम कृपाल सिंह ने सभी से अपील की कि वे हर परिवार की दीदी, मां और बुजुर्ग महिलाओं को सेल्फ हेल्फ ग्रुप (एसएचजी) में शामिल करें। इससे उन्हें बचत, बैंकिंग सेवाओं, रोजगार के अवसरों और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही एनआरएलएम सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों और योजनाओं के फायदों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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ब्लॉक मास्टर ऑडिटर मोहन लाल, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर केवल कुमार, दोनों पंचायतों से जुड़े कम्युनिटी मोबिलाइजर, स्टाफ एवं कैडर सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। पूर्व सरपंच कस्तूरी लाल गुप्ता, बेअंत गुप्ता और नंबरदार ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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इस दौरान पोषण और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लागू समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की गई। साथ ही अवगत कराया कि मनरेगा को अब विकसित भारत (वीबी-जी राम जी) के रूप में पुनः नामित किया गया है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी की सीमा 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीण परिवारों विशेषकर महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को बल मिलेगा।
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बीपीएम कृपाल सिंह ने सभी से अपील की कि वे हर परिवार की दीदी, मां और बुजुर्ग महिलाओं को सेल्फ हेल्फ ग्रुप (एसएचजी) में शामिल करें। इससे उन्हें बचत, बैंकिंग सेवाओं, रोजगार के अवसरों और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही एनआरएलएम सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों और योजनाओं के फायदों पर विस्तार से चर्चा की गई।