{"_id":"6ac9466b1389e1541609d7c1","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-141546-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल योजनाओं व अमृत 2.0 के कार्यों में लाएं तेजी : उपायुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल योजनाओं व अमृत 2.0 के कार्यों में लाएं तेजी : उपायुक्त
विज्ञापन
उधमपुर। विकास परियोजनाओं की प्रगति को गति देने और आम जनता तक पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाने के उद्देश्य से बुधवार को उपायुक्त मिंगा शेरपा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस बैठक में उधमपुर जिले में चल रही विभिन्न जल आपूर्ति योजनाओं, अमृत 2.0 के तहत जारी विकास कार्यों और यूटिलिटी (बिजली-पानी की लाइनों) की शिफ्टिंग की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। बैठक में मुख्य योजना अधिकारी (सीपीओ) उत्तम सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पेयजल योजनाओं के अलग-अलग घटकों जैसे फिल्टरेशन यूनिट, जल भंडारण संरचनाएं, पंपिंग उपकरण, सब-स्टेशन और सिविल वर्क्स की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति को भी देखा। विकास कार्यों में बाधा बन रही यूटिलिटी शिफ्टिंग के मुद्दे पर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि चल रही परियोजनाओं की रफ्तार धीमी न पड़े।
कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि वे कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी तैनात करें और तय समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता को चल रहे कार्यों के लिए मासिक लक्ष्य तय करने और इनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
विज्ञापन
डीसी ने सभी निर्माण एजेंसियों को हिदायत दी कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता मानकों, तकनीकी विशिष्टताओं और सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय और नियमित जमीनी निगरानी से ही परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जा सकता है।
विज्ञापन
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पेयजल योजनाओं के अलग-अलग घटकों जैसे फिल्टरेशन यूनिट, जल भंडारण संरचनाएं, पंपिंग उपकरण, सब-स्टेशन और सिविल वर्क्स की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और निर्माणाधीन कार्यों की स्थिति को भी देखा। विकास कार्यों में बाधा बन रही यूटिलिटी शिफ्टिंग के मुद्दे पर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि चल रही परियोजनाओं की रफ्तार धीमी न पड़े।
विज्ञापन
कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि वे कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी तैनात करें और तय समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करें। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता को चल रहे कार्यों के लिए मासिक लक्ष्य तय करने और इनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
विज्ञापन
डीसी ने सभी निर्माण एजेंसियों को हिदायत दी कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता मानकों, तकनीकी विशिष्टताओं और सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय और नियमित जमीनी निगरानी से ही परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जा सकता है।