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Udhampur News: ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, मात्र दो किमी दूरी के लिए वसूल रहे 200 रुपये
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उधमपुर। शहर की सड़कों और संकरी गलियों में आवाजाही को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई ई-रिक्शा सेवा अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। चालकों की मनमानी और अवैध किराया वसूली ने यात्रियों को मुश्किल में डाल दिया है। आलम यह है कि शहर में मात्र एक से दो किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए चालक यात्रियों से 100 से 200 रुपये तक मांग रहे हैं जो निर्धारित दर से कई गुना अधिक है।
परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ई-रिक्शा का किराया प्रति सवारी लगभग 10 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। इसके उलट चालक नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से पैसे वसूल रहे हैं। जहां मैटाडोर का न्यूनतम किराया सात से 10 रुपये है, वहीं उसी दूरी के लिए ई-रिक्शा चालक अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
ई-रिक्शा गली-मोहल्लों तक पहुंच सकते हैं, इसी उपयोगिता का फायदा उठाकर चालकों ने लूट का जरिया बना लिया है। विशेषकर अस्पताल जाने वाले मरीजों, बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। आपात स्थिति में जब सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होता तब चालक मनमाने दाम मांगकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
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मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी के लिए वसूले 150 रुपये
रामनगर के आदिश्वर सिंह ने बताया कि पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें अस्पताल जाना पड़ता है। मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी के लिए चालक ने 150 रुपये वसूल लिए जबकि मैटाडोर में यही सफर सिर्फ 10 रुपये का है। अर्जुन सिंह ने बताया कि अधिक किराया मांगने के कारण उन्हें ई-रिक्शा छोड़कर आधे घंटे तक सड़क किनारे मैटाडोर का इंतजार करना पड़ा। संजय कुमार के अनुसार एमएच से मुख्य बाजार तक के महज दो मिनट के सफर के लिए चालक ने 50 रुपये मांगे और विरोध करने पर बहस करने लगा। उनका कहना है कि यदि ऐसा ही रहा तो यह सुविधा केवल अमीरों तक सीमित रह जाएगी। चरणजीत सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और किराया सूची को सख्ती से लागू करवाया जाए।
शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई
इस संबंध में एआरटीओ मुद्दसिर इकबाल का कहना है कि अभी तक उनके पास अधिक किराया वसूलने की कोई शिकायत नहीं आई है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो विभाग जमीनी स्तर पर जांच कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ई-रिक्शा का किराया प्रति सवारी लगभग 10 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। इसके उलट चालक नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी से पैसे वसूल रहे हैं। जहां मैटाडोर का न्यूनतम किराया सात से 10 रुपये है, वहीं उसी दूरी के लिए ई-रिक्शा चालक अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
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ई-रिक्शा गली-मोहल्लों तक पहुंच सकते हैं, इसी उपयोगिता का फायदा उठाकर चालकों ने लूट का जरिया बना लिया है। विशेषकर अस्पताल जाने वाले मरीजों, बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। आपात स्थिति में जब सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होता तब चालक मनमाने दाम मांगकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
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मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी के लिए वसूले 150 रुपये
रामनगर के आदिश्वर सिंह ने बताया कि पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें अस्पताल जाना पड़ता है। मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी के लिए चालक ने 150 रुपये वसूल लिए जबकि मैटाडोर में यही सफर सिर्फ 10 रुपये का है। अर्जुन सिंह ने बताया कि अधिक किराया मांगने के कारण उन्हें ई-रिक्शा छोड़कर आधे घंटे तक सड़क किनारे मैटाडोर का इंतजार करना पड़ा। संजय कुमार के अनुसार एमएच से मुख्य बाजार तक के महज दो मिनट के सफर के लिए चालक ने 50 रुपये मांगे और विरोध करने पर बहस करने लगा। उनका कहना है कि यदि ऐसा ही रहा तो यह सुविधा केवल अमीरों तक सीमित रह जाएगी। चरणजीत सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और किराया सूची को सख्ती से लागू करवाया जाए।
शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई
इस संबंध में एआरटीओ मुद्दसिर इकबाल का कहना है कि अभी तक उनके पास अधिक किराया वसूलने की कोई शिकायत नहीं आई है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो विभाग जमीनी स्तर पर जांच कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।