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स्कूल स्तर की छात्राओं को पहली बार मिलेगा छात्रावास
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उधमपुर। जिले में स्कूल खुलने के साथ छात्राओं को पहली बार छात्रावास मिलने की उम्मीद है। अब उधमपुर में तीन छात्रावास तैयार हो चुके हैं, और 2022-23 शिक्षा सत्र में इनको शिक्षा विभाग को सौंपा जा सकता है। इनमें लगभग तीन सौ छात्राएं आराम से रह सकती हैं।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में 2010 में पांच छात्रावासों को मंजूरी मिली थी। इनकी मंजूरी का एकमात्र उद्देश्य दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहने वाली छात्राओं को छात्रावास प्रदान करना था। क्योंकि, छात्रावास न होने के कारण अक्सर छात्राएं 10वीं से आगे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती हैं। दूर होने के कारण अभिभावक छात्राओं को स्कूल नहीं भेजते। इसी कारण इनको कई बार शिक्षा छोड़नी पड़ती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने रमसा के तहत ब्लॉक चिनैनी, रामनगर, पंचैरी, घोरडी और डुडू में पांच छात्रावासों को मंजूरी दी थी। इनका निर्माण कार्य शुरू करने में शिक्षा विभाग को छह वर्ष का समय लग गया। 2016 में शिक्षा विभाग ने तीन छात्रावासों का काम शुरू किया, और छह वर्ष के अंदर तीन इमारतों का निर्माण कार्य पूरा करने में कामयाबी मिल गई है। चिनैनी, रामनगर और पंचैरी में 2020 में छात्रावास की इमारत तैयार हो चुकी है।
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इससे पहले कि इनको शिक्षा विभाग को सौंपा जाता, कोरोना संकट के कारण काम अधर में लटक गया। लेकिन, अब 21 फरवरी से जिले में सभी सरकारी स्कूल खुलने जा रहे हैं। इसलिए, इनको शिक्षा विभाग को सौंपने की भी तैयारी हो चुकी है। इनको शिक्षा विभाग 2022-23 के शिक्षा सत्र में छात्राओं के लिए शुरू कर सकता है। हर छात्रावास में सौ छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इनके शुरू होने के बाद छात्राओं को 10वीं के बाद आगे पढ़ाई जारी रखने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में 2010 में पांच छात्रावासों को मंजूरी मिली थी। इनकी मंजूरी का एकमात्र उद्देश्य दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहने वाली छात्राओं को छात्रावास प्रदान करना था। क्योंकि, छात्रावास न होने के कारण अक्सर छात्राएं 10वीं से आगे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती हैं। दूर होने के कारण अभिभावक छात्राओं को स्कूल नहीं भेजते। इसी कारण इनको कई बार शिक्षा छोड़नी पड़ती है।
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इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने रमसा के तहत ब्लॉक चिनैनी, रामनगर, पंचैरी, घोरडी और डुडू में पांच छात्रावासों को मंजूरी दी थी। इनका निर्माण कार्य शुरू करने में शिक्षा विभाग को छह वर्ष का समय लग गया। 2016 में शिक्षा विभाग ने तीन छात्रावासों का काम शुरू किया, और छह वर्ष के अंदर तीन इमारतों का निर्माण कार्य पूरा करने में कामयाबी मिल गई है। चिनैनी, रामनगर और पंचैरी में 2020 में छात्रावास की इमारत तैयार हो चुकी है।
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इससे पहले कि इनको शिक्षा विभाग को सौंपा जाता, कोरोना संकट के कारण काम अधर में लटक गया। लेकिन, अब 21 फरवरी से जिले में सभी सरकारी स्कूल खुलने जा रहे हैं। इसलिए, इनको शिक्षा विभाग को सौंपने की भी तैयारी हो चुकी है। इनको शिक्षा विभाग 2022-23 के शिक्षा सत्र में छात्राओं के लिए शुरू कर सकता है। हर छात्रावास में सौ छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इनके शुरू होने के बाद छात्राओं को 10वीं के बाद आगे पढ़ाई जारी रखने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।