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वेतन नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा
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किश्तवाड़। वेतन नहीं मिलने पर पाडर सबडिवीजन में जलशक्ति विभाग के डेलीवेजर्स और एचआर कर्मियों के सब्र का बांध टूट गया। वीरवार को उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की।
पीएचई डेलीवेजर वर्कर यूनियन के प्रधान रामसिंह ने पाडर के डेलीवेजरों व एचआर वर्करों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्य सब डिवीजन के कर्मचारियों को चार माह का वेतन दिया गया, लेकिन पाडर में मात्र दो माह का वेतन मिला है। इसलिए उन्होंने पूरा बकाया एकसाथ देने की मांग उठाई है।
डेलीवेजरों ने कहा कि कई माह का वेतन बकाया है, जिस कारण परिवार का खर्च चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एचआर कर्मचारियों ने बताया कि हमें वेतन दिया ही नहीं जाता है। बीपीएल राशन कार्ड, जॉब कार्ड से भी महरूम हैं। बिजली का फ्लेट रेट में बिल लिया जाता है, लेकिन वेतन अभी भी बकाया है। शब्बीर अहमद ने कहा कि 18 साल से काम कर रहे हैं, लेकिन इस बार वेतन मात्र दो माह का दिया गया, जो कि गलत है। केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद भी न तो स्थायी किया गया है और न ही वेतन दिया जा रहा है।
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पीएचई डेलीवेजर वर्कर यूनियन के प्रधान रामसिंह ने पाडर के डेलीवेजरों व एचआर वर्करों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्य सब डिवीजन के कर्मचारियों को चार माह का वेतन दिया गया, लेकिन पाडर में मात्र दो माह का वेतन मिला है। इसलिए उन्होंने पूरा बकाया एकसाथ देने की मांग उठाई है।
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डेलीवेजरों ने कहा कि कई माह का वेतन बकाया है, जिस कारण परिवार का खर्च चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एचआर कर्मचारियों ने बताया कि हमें वेतन दिया ही नहीं जाता है। बीपीएल राशन कार्ड, जॉब कार्ड से भी महरूम हैं। बिजली का फ्लेट रेट में बिल लिया जाता है, लेकिन वेतन अभी भी बकाया है। शब्बीर अहमद ने कहा कि 18 साल से काम कर रहे हैं, लेकिन इस बार वेतन मात्र दो माह का दिया गया, जो कि गलत है। केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद भी न तो स्थायी किया गया है और न ही वेतन दिया जा रहा है।
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