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टेक्नालॉजी से बनी व्यवस्था में फंसकर मरीज बना चकरघिन्नी
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धमपुर में मरीज को एंबलुलेंस नहीं देने पर 108 नंबर पर कालिख लगा कर विरोध करते पूर्व विधायक
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। कुत्ते के काटने से घायल हुए मरीज को जब जिला अस्पताल से जीएमसी रेफर किया गया तो उसको एंबुलेंस के लिए घंटों भटकना पड़ा। 108 नंबर पर कई बार फोन करने के बाद भी उसे एंबुलेंस नहीं मिली। सूचना मिलने पर पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया जिला अस्पताल पहुंचे और मरीज को निजी गाड़ी में जीएमसी पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार सूरम चंद नाम के बुजुर्ग को चिनैनी में कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। चिनैनी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने उनको जिला अस्पताल उधमपुर रेफर किया। दोपहर को वह परिवार के साथ जिला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल में भी डॉक्टर ने देखा कि उसकी टांग की हालत गंभीर है तो उसने मरीज को जीएमसी रेफर कर दिया।
रेफर किए जाने पर सूरम चंद के साथ तीमारदार ने 108 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन, आगे से जवाब आया कि अभी एंबुलेंस नहीं मिल सकती। दोनों एंबुलेंस जम्मू गई हुई हैं। इसके लिए इंतजार करना होगा। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद दोबारा 108 नंबर पर फोन किया तो जवाब मिला कि एंबुलेंस नहीं मिल सकती।
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इसी बीच पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने देखा कि जिला अस्पताल के बाहर 108 नंबर की चार एंबुलेंस खड़ी हैं। इसके बावजूद मरीज को एंबुलेंस नहीं दी जा रही है। उन्होंने भी 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस की मांग की तो उनको भी एंबुलेंस देने से मना कर दिया गया। इसके बाद पूर्व विधायक के समर्थकों ने एंबुलेंस पर लगे 108 नंबर पर कालिख पोत कर विरोध प्रकट किया।
पूर्व विधायक ने अपने वाहन में मरीज को बैठाया और उपचार के लिए जम्मू भेजा। मनकोटिया ने कहा कि पिछले महीने भी रत्न चंद निवासी पाटा पंचायत की 29 मार्च को एंबुलेंस देरी से मिलने पर जम्मू पहुंचते ही मौत हो गई थी। 108 नंबर की सेवा केवल दिखावा है। जब भी लोगों को इसकी जरूरत होती है तो इस सेवा का लाभ नहीं मिलता। इसके बारे में कई बार स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की गई है, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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108 नंबर एंबुलेंस सेवा जिला अस्पताल के अधीन नहीं है। इसका कंट्रोल रूम जम्मू में है। जम्मू से ही मरीजों को एंबुलेंस देने के लिए मंजूरी मिलती है। जिला अस्पताल के पास जो अपनी एंबुलेंस हैं, उनको हम मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध करवाते हैं। यह मरीज हमारे पास एंबुलेंस के लिए नहीं आया था।
- डॉ. विजय रैना, जिला अस्पताल सुपरिटेंडेंट
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जानकारी के अनुसार सूरम चंद नाम के बुजुर्ग को चिनैनी में कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। चिनैनी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने उनको जिला अस्पताल उधमपुर रेफर किया। दोपहर को वह परिवार के साथ जिला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल में भी डॉक्टर ने देखा कि उसकी टांग की हालत गंभीर है तो उसने मरीज को जीएमसी रेफर कर दिया।
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रेफर किए जाने पर सूरम चंद के साथ तीमारदार ने 108 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन, आगे से जवाब आया कि अभी एंबुलेंस नहीं मिल सकती। दोनों एंबुलेंस जम्मू गई हुई हैं। इसके लिए इंतजार करना होगा। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद दोबारा 108 नंबर पर फोन किया तो जवाब मिला कि एंबुलेंस नहीं मिल सकती।
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इसी बीच पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने देखा कि जिला अस्पताल के बाहर 108 नंबर की चार एंबुलेंस खड़ी हैं। इसके बावजूद मरीज को एंबुलेंस नहीं दी जा रही है। उन्होंने भी 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस की मांग की तो उनको भी एंबुलेंस देने से मना कर दिया गया। इसके बाद पूर्व विधायक के समर्थकों ने एंबुलेंस पर लगे 108 नंबर पर कालिख पोत कर विरोध प्रकट किया।
पूर्व विधायक ने अपने वाहन में मरीज को बैठाया और उपचार के लिए जम्मू भेजा। मनकोटिया ने कहा कि पिछले महीने भी रत्न चंद निवासी पाटा पंचायत की 29 मार्च को एंबुलेंस देरी से मिलने पर जम्मू पहुंचते ही मौत हो गई थी। 108 नंबर की सेवा केवल दिखावा है। जब भी लोगों को इसकी जरूरत होती है तो इस सेवा का लाभ नहीं मिलता। इसके बारे में कई बार स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की गई है, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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108 नंबर एंबुलेंस सेवा जिला अस्पताल के अधीन नहीं है। इसका कंट्रोल रूम जम्मू में है। जम्मू से ही मरीजों को एंबुलेंस देने के लिए मंजूरी मिलती है। जिला अस्पताल के पास जो अपनी एंबुलेंस हैं, उनको हम मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध करवाते हैं। यह मरीज हमारे पास एंबुलेंस के लिए नहीं आया था।
- डॉ. विजय रैना, जिला अस्पताल सुपरिटेंडेंट

जिला अस्पताल में घायल को एंबुलेंस की सुविधा न मिलने पर एंबुलेंस के 108 नंबर पर लगाई गई कालिख- फोटो : UDHAMPUR

जिला अस्पताल उधमपुर में कुत्ते के काटने पर एंबुलेंस की सुविधा न मिलने पर परेशान मरीज व तीमारदार- फोटो : UDHAMPUR