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हिंदू जागरण मंच ने मनाया विलय दिवस,
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उधमपुर। हिंदू जागरण मंच की जिला इकाई ने नगर के लाल चौक में एक कार्यक्रम का आयोजन कर विलय दिवस मनाया। इस दौरान वक्ताओं ने देश विरोधी तत्वों को अपनी नापाक हरकतों से बाज आने की नसीहत दी।
वक्ताओं ने कहा कि 26 अक्तूबर 1947 में जब जम्मू कश्मीर भारत गणराज्य का हिस्सा बना था। जम्मू कश्मीर के भारत के साथ हुए विलय के दिवस को हर्षोल्लास के साथ व्यापक स्तर पर मनाना चाहिए। इसी के मद्देनजर सरकार ने साल 2020 से विलय दिवस की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले मार्च 1846 में महाराजा गुलाब सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्य को 75 लाख नानकशाही देकर जम्मू-कश्मीर-लद्दाख प्रांत को अपना राज्य घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी कुशलता से इसे अपने नियंत्रण में रखा। महाराजा गुलाब सिंह एक कुशल शासक होने के साथ एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ भी थे। इसी वजह से ब्रिटिश हुकूमत कभी जम्मू-कश्मीर में अपना कब्जा स्थापित नहीं कर पाई।
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उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पूर्ण रूप से स्वतंत्र राज्य रहा है। लेकिन, एकात्मता दिवस के बाद जम्मू कश्मीर का पूरी तरह से भारत के साथ विलय हो गया। इसके साथ उन्होंने क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत पर कश्मीर और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में जश्न मनाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग बाज आ जाएं। नहीं तो आने वाले दिनों में वे कड़ी कार्रवाई का सामना करेंगे। क्योंकि, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। और, भारत के दुश्मन देशों का समर्थन करने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं हैं।
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वक्ताओं ने कहा कि 26 अक्तूबर 1947 में जब जम्मू कश्मीर भारत गणराज्य का हिस्सा बना था। जम्मू कश्मीर के भारत के साथ हुए विलय के दिवस को हर्षोल्लास के साथ व्यापक स्तर पर मनाना चाहिए। इसी के मद्देनजर सरकार ने साल 2020 से विलय दिवस की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले मार्च 1846 में महाराजा गुलाब सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्य को 75 लाख नानकशाही देकर जम्मू-कश्मीर-लद्दाख प्रांत को अपना राज्य घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी कुशलता से इसे अपने नियंत्रण में रखा। महाराजा गुलाब सिंह एक कुशल शासक होने के साथ एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ भी थे। इसी वजह से ब्रिटिश हुकूमत कभी जम्मू-कश्मीर में अपना कब्जा स्थापित नहीं कर पाई।
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उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पूर्ण रूप से स्वतंत्र राज्य रहा है। लेकिन, एकात्मता दिवस के बाद जम्मू कश्मीर का पूरी तरह से भारत के साथ विलय हो गया। इसके साथ उन्होंने क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत पर कश्मीर और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में जश्न मनाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग बाज आ जाएं। नहीं तो आने वाले दिनों में वे कड़ी कार्रवाई का सामना करेंगे। क्योंकि, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। और, भारत के दुश्मन देशों का समर्थन करने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं हैं।