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पीएफ घोटाले पर ईपीएफओ का बड़ा एक्शन: नगर पालिकाओं ने डकारा कर्मचारियों का हक, EPFO ने फटकारा
Fri, 15 May 2026 11:49 AM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Fri, 15 May 2026 11:49 AM IST
सार
जम्मू संभाग की नौ नगर पालिकाओं ने वर्षों से कर्मचारियों का विवरण और पीएफ संबंधी जानकारी ईपीएफओ को नहीं दी, जिस पर संगठन ने सख्त रुख अपनाया है। ईपीएफओ ने नोटिस जारी कर एक माह में कर्मचारियों की सूची और पीएफ रिकॉर्ड जमा करने को कहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AdobeStock
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विस्तार
जम्मू संभाग के नौ जिलों की नगर पालिका में कितने स्थायी और कितने अस्थायी कर्मचारी हैं इसकी जानकारी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास नहीं है। कई बार मांगने के बाद भी सूचना नहीं देने पर जोनल ऑफिस दिल्ली के आदेश पर ईपीएफओ जम्मू ने किश्तवाड़, रियासी, राजोरी, उधमपुर, रामबन, डोडा, पुंछ, सांबा और कठुआ जिले की नगर पालिका को नोटिस जारी किया है।
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ईपीएफओ एक्ट की धारा 7ए के तहत क्वासी ज्यूडिशियल (अर्ध न्यायिक) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक माह के अंदर कर्मचारियों की सूची और पीएफ मद में काटी गई धनराशि समेत अन्य जानकारी नहीं देने पर संबंधित नगर पालिका के बैंक खाते सीज करने सहित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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नवंबर 2019 में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी ईपीएफओ लागू होने के बाद से ही ऐसे सरकारी और गैर सरकारी विभागों की तलाश जारी है जिन्होंने ईपीएफओ में पंजीकरण नहीं कराया है। पता चला कि जम्मू संभाग के सभी नौ जिलों में दशकों से कार्यरत नगर पालिका भी इसमें शामिल है। कई दफा कहने के बाद भी न ही पंजीकरण कराया और न ही कार्यरत स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारियों की सूची दी। सख्त रवैया अपनाते ईपीएफओ ने नोटिस जारी करते हुए नवंबर 2019 से लेकर अभी तक कार्यरत सभी कर्मचारियों की सूची मांगी है।
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‘कई बार कहने के बावजूद किश्तवाड़, रियासी, राजोरी, उधमपुर, रामबन, डोडा, पुंछ, सांबा और कठुआ जिले की नगर पालिका ने नवंबर 2019 से अपने यहां कार्यरत स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी है। अंतत: धारा 7ए के तहत नोटिस जारी करते हुए क्वासी ज्यूडिशियल प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी कर्मियों को ईपीएफ के दायरे में लाकर सामाजिक लाभ दिया जाएगा।’ - सुमित सिंह, ईपीएफओ कमिश्नर जम्मू-कश्मीर व लद्दाख
30 संस्थाओं ने 1.08 करोड़ रुपये दबाए, नोटिस जारी
पिछले दिनों ही प्रदेश के 30 सरकारी एवं गैर सरकारी संंस्थाओं को कर्मियों के पीएफ के ब्याज मद में बकाया 1.08 करोड़ दबाए रखने पर ईपीएफओ एक्ट की धारा 7क्यू के तहत नोटिस जारी किया गया है। सर्वाधिक पांच बजे बड़े बकाएदारों में जेएंडके पर्यटन विभाग पर 22 लाख, बीडी सिक्योरिटी लिमिटेड पर 18 लाख, जेएंडके वन विकास निगम पर 10 लाख, ब्लॉक मेडिकल ऑफिस नुद सांबा पर 9.7 लाख और जेएंडके लघु उद्योग पर 5.6 लाख रुपये ब्याज मद में बकाया है। एक माह में भुगतान नहीं करने पर बैंक खाता सीज कर बकाया रकम निकाल ली जाएगी।