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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   the issue of mining raised in Assembly

विशेषाधिकार का उल्लंघन है खनन का एसआरओ

Wed, 29 Jun 2016 11:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Wed, 29 Jun 2016 11:28 PM IST
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the issue of mining raised in Assembly
व‌िधानसभा - फोटो : File Photo
नदी-नालों से खनन के एसआरओ को विधानसभा के पैनल ने राज्य के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया है। विधानसभा के पैनल ने अपनी रिपोर्ट देते हुए माइनिंग रूल्स के एसआरओ को वापस लेने का सुझाव दिया है।
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पैनल के अध्यक्ष नेशनल कांफ्रेंस विधायक मोहम्मद अकबर लोन ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि खनन के लिए जारी आदेश रियासत के संविधान, जेएंडके लैंड एलियनेशन एक्ट, स्टेट सब्जेक्ट लॉ, जेएंडके ट्रांसफर आफ प्रापर्टी एक्ट और जेएंडके लैंड ग्रांट्स एक्ट का व्यापक स्तर पर उल्लंघन है।
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किसी बाहरी व्यक्ति को लाइसेंस देने से लेकर माइनिंग लीज देना और माइनर मिनरल में रियायतें देना सांविधानिक रूप से ही गलत है। जबकि इन तमाम सुविधाओं पर राज्य के नागरिकों का विशेष अधिकार है। उन्होंने कहा सबसे पहले तो यह एसआरओ वापस लेना चाहिए और उसके बाद संबंधित हित धारकों से चर्चा कर नए नियम बनाए जाने चाहिए।
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पैनल द्वारा सुझाए गए कि नए नियमों में माइनिंग लीज, माइनिंग लाइसेंस, क्वेरी लाइसेंस, शार्ट टर्म परमिट सहित अन्य संबंधित गतिविधियों की अनुमति केवल रियासत के स्थायी नागरिकों को ही देने का प्रावधान किया गया है। माइनिंग एसआरओ विवाद पर विधानसभा स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने 3 जून को नौ सदस्यीय पैनल गठित किया था। 
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