श्रीनगर: 30 सप्ताह बाद खुली जामिया मस्जिद, तीन हजार लोगों ने पढ़ी जुमे की नमाज
मस्जिद प्रबंधन द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया गया। जुमे की नमाज से पहले का उपदेश इमाम हाई सैयद अहमद नक्शबंदी द्वारा दिया गया, क्योंकि मीरवाइज उमर फारूक घर पर नजरबंद हैं।
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पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को 30 सप्ताह बाद शुक्रवार को मेराज-ए-अलम के अवसर पर खुलने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमन और शांति के अलावा रूस-यूक्रेन में युद्ध खत्म होने की दुआ मांगी। जुमे की नमाज में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मस्जिद प्रबंधन द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया गया। वहीं, जुमे की नमाज से पहले का उपदेश इमाम हाई सैयद अहमद नक्शबंदी द्वारा दिया गया, क्योंकि मीरवाइज उमर फारूक घर पर नजरबंद हैं। मीरवाइज पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के हटने के पहले से नजरबंद हैं।
अंजुमन औकाफ ने कहा कि जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई थीं। मेहराज-ए-अलम के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे थे। करीब 3000 लोगों ने लंबे अंतराल के बाद जुमे की नमाज पढ़ी। स्थानीय मेहराज अहमद ने कहा कि मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद मन में शांति सी महसूस हुई।
नमाज के दौरान मांगी शांति की दुआ
उन्होंने कहा कि नमाज के दौरान कश्मीर के साथ साथ पूरे विश्व में अमन और शांति के लिए दुआ की। दुआ मांगी कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग थम जाए और वहां भी लोग अमन शांति से रह सकें। मस्जिद में दाखिल होने पर कई लोग भावुक दिखे। इस दौरान उनको मस्जिद के स्तंभों को चूमते भी देखा गया।