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Srinagar News: 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामलाः हाईकोर्ट से आरोपियों को जमानत न देने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कथित तौर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने सोमवार को श्रीनगर में प्रदर्शन किया और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय से आरोपियों को जमानत न देने की अपील की। अनंतनाग जिले के विभिन्न हिस्सों से आए पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से पहले ही आरोपियों ने कथित धोखाधड़ी के जरिए कई परिवारों को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया था।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे हाईकोर्ट से अनुरोध करते हैं कि इस मामले में शामिल आरोपियों की जमानत याचिका पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें राहत न दी जाए। उनका आरोप है कि इन लोगों ने कई घरों को तबाह कर दिया है। पीड़ितों ने यह भी बताया कि एक निचली अदालत पहले ही आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है और अब मामला हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। प्रदर्शनकारियों ने इस बड़े धोखाधड़ी मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए सभी पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
गौरतलब है कि पिछले साल अनंतनाग पुलिस ने एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान सडूरा के तसद्दुक हुसैन डार उर्फ हाजी तसद्दुक, बमडोरा कोकरनाग के मोहम्मद इकबाल वानी उर्फ इकबाल बमडोरी और शंकरपोरा डूरू के मुजीब अहमद कोका के रूप में हुई थी। अनंतनाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर जंगली लहसुन के व्यापारी होने का ढोंग रचा और ऊंचे मुनाफे का वादा करके पीड़ितों से बड़ी रकम ठगी। इनमें किश्तवाड़ के एक शिकायतकर्ता से ठगे गए 55 लाख रुपये भी शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि पैसे इकट्ठा करने के बाद आरोपियों ने भुगतान करने से मना कर दिया और जब पीड़ितों ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। माना जा रहा है कि इस गिरोह ने अनंतनाग और जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में कई लोगों को अपना शिकार बनाया था।
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श्रीनगर। कथित तौर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने सोमवार को श्रीनगर में प्रदर्शन किया और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय से आरोपियों को जमानत न देने की अपील की। अनंतनाग जिले के विभिन्न हिस्सों से आए पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से पहले ही आरोपियों ने कथित धोखाधड़ी के जरिए कई परिवारों को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया था।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे हाईकोर्ट से अनुरोध करते हैं कि इस मामले में शामिल आरोपियों की जमानत याचिका पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें राहत न दी जाए। उनका आरोप है कि इन लोगों ने कई घरों को तबाह कर दिया है। पीड़ितों ने यह भी बताया कि एक निचली अदालत पहले ही आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है और अब मामला हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। प्रदर्शनकारियों ने इस बड़े धोखाधड़ी मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए सभी पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
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गौरतलब है कि पिछले साल अनंतनाग पुलिस ने एक संगठित धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान सडूरा के तसद्दुक हुसैन डार उर्फ हाजी तसद्दुक, बमडोरा कोकरनाग के मोहम्मद इकबाल वानी उर्फ इकबाल बमडोरी और शंकरपोरा डूरू के मुजीब अहमद कोका के रूप में हुई थी। अनंतनाग पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर जंगली लहसुन के व्यापारी होने का ढोंग रचा और ऊंचे मुनाफे का वादा करके पीड़ितों से बड़ी रकम ठगी। इनमें किश्तवाड़ के एक शिकायतकर्ता से ठगे गए 55 लाख रुपये भी शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि पैसे इकट्ठा करने के बाद आरोपियों ने भुगतान करने से मना कर दिया और जब पीड़ितों ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। माना जा रहा है कि इस गिरोह ने अनंतनाग और जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में कई लोगों को अपना शिकार बनाया था।