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Srinagar News: जेकेसीए मामले में डॉ. फारूक के खिलाफ आरोप तय करने और कार्यवाही के आदेशों पर लगाई रोक

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Srinagar, Court, JKCA, Farooq Abdullah
अमर उजाला ब्यूरो
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श्रीनगर। यहां की एक अदालत ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के फंड के गबन से जुड़े एक मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ आरोप तय करने के संबंध में ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फारूक अहमद की अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 2 मार्च 2026 के उस आदेश पर भी रोक लगा दी जिसमें सीबीआई की ओर से जम्मू-कश्मीर के तीन बार के मुख्यमंत्री और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में अब्दुल्ला की बरी होने की याचिका को खारिज कर दिया गया था।
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अदालत ने कहा कि दिनांक 2 मार्च 2026 के विवादित आदेश और उसके बाद 30 मार्च 2026 को ट्रायल मजिस्ट्रेट द्वारा की गई कार्यवाही (आरोप तय करना) का क्रियान्वयन, विशेष रूप से याचिकाकर्ता डॉ. फारूक अब्दुल्ला से संबंधित होने के कारण, अगली सुनवाई की तारीख तक स्थगित रहेगा।
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अपनी याचिका में अब्दुल्ला ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने उनकी बरी होने की याचिका को खारिज करते समय तथ्यों का ठीक से मूल्यांकन नहीं किया। उन्होंने दलील दी कि जेकेसीए के अध्यक्ष के तौर पर उनकी भूमिका काफी हद तक मानद थी और दिन-प्रतिदिन का वित्तीय प्रबंधन तथा फंड पर नियंत्रण एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष और महासचिव के पास था।फारूक ने कहा कि उनकी भूमिका 2008 के एक प्रस्ताव पर केवल एक नियमित प्रशासनिक हस्ताक्षर तक सीमित थी जो उनके अनुसार कोई आपराधिक दायित्व स्थापित नहीं करता है।
यह मामला जेकेसीए के कामकाज में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है जिसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी। सीबीआई ने एक आरोप पत्र दायर किया है जिसमें अब्दुल्ला और कई अन्य लोगों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीअई) की ओर से एसोसिएशन को दिए गए अनुदान में से 43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन करने का आरोप लगाया गया है। इस साल 2 मार्च को, सीजेएम कि अदालत ने पाया कि रणबीर दंड संहिता की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत अपराधों के जरूरी तत्व पहली नजर में उनके खिलाफ बनते हैं।

गौरतलब है कि अब्दुल्ला के अलावा आरोपियों में मोहम्मद सलीम खान (तत्कालीन जेकेसीए महासचिव), अहसान अहमद मिर्जा (तत्कालीन कोषाध्यक्ष), मंजूर गजनफर अली, बशीर अहमद मिसगर (जम्मू और कश्मीर बैंक के एक अधिकारी) और गुलजार अहमद बेग शामिल हैं।
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