{"_id":"6935d8990c0f0ce71b06ba5c","slug":"shopian-sdpkg-install-sign-board-tourism-srinagar-news-c-10-lko1027-780514-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: शोपियां में डिजिटल साइनबोर्ड बताएंगे पर्यटन स्थलों का पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: शोपियां में डिजिटल साइनबोर्ड बताएंगे पर्यटन स्थलों का पता
विज्ञापन
शोपियां एकीकृत विकास प्राधिकरण ने पर्यटन स्थलों पर लगाए डिजिटल साइनबोर्ड, स्थानीय लोगो में पर्य
- पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल, स्थानीय लोगो में आर्थिक विकास की जागी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शोपियां-दबजान-पीर की गली विकास प्राधिकरण (एसडीपीकेजी) ने जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आधुनिक डिजिटल साइनबोर्ड स्थापित किए। इससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों का पता चल पाएगा।
यह पहल क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को प्रचारित करने, पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन देने और उनके अनुभव को समृद्ध करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन डिजिटल साइनबोर्डों की स्थापना से स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला है। लोगों ने राहत और उम्मीद जताई कि प्रशासन आखिरकार जिले में पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस और दिखाई देने वाले कदम उठा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कश्मीर का फ्रूट बाउल कहे जाने वाले शोपियां में पिछले तीन-चार सालों से बागार बागवानी क्षेत्र भारी संकट से गुजर रहा है। लगातार ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदाएं, फसल नुकसान और बाजार में उचित दाम न मिल पाने से बागवान हताश और आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। केलर के बागवान शफीक वानी ने कहा कि सालों से फल उद्योग संकट में है। मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितता के कारण हमें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाया। अब पर्यटक स्थलों को चिह्नित कर उन पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं तो एक किरण उम्मीद नजर आ रही है।
विज्ञापन
जिले भर के लोगों ने इसका स्वागत करते हुए इसे समय पर उठाया गया सही कदम बताया। उनका मानना है कि पर्यटन के पुनरुद्धार से न केवल बाहर से पर्यटक आएंगे बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका में भी बड़ा योगदान होगा। लोग कहते हैं कि शोपियां की अभी तक अनछुई घाटियां, हरे-भरे मैदान, झरने और सांस्कृतिक धरोहर इसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं, बशर्ते सही ढंग से विकास किया जाए। बेरोजगार युवा भी इस कदम को अपने लिए अवसर मान रहे हैं। उनके अनुसार होमस्टे, गाइड सेवा, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान का कारोबार शुरू होने से रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।
युवाओं को रोजगार मिलेगा, खूबसूरत इलाकों का विकास होगा
स्थानीय युवक रईस अहमद ने कहा, हमें इस पहल से बहुत खुशी है। अगर यहां पर्यटन बढ़ा तो हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और खासकर केलर जैसे दूरस्थ लेकिन खूबसूरत इलाकों का भी विकास होगा। सिर्फ साइनबोर्ड लगाना शुरुआत मात्र है। असली विकास तभी होगा जब लगातार जमीनी काम जारी रहे।
खाली प्रतीक न बन कर रह जाएं बोर्ड
लोगों ने मांग की ये डिजिटल बोर्ड खाली प्रतीक न बन कर रह जाएं। हमें सड़क कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाएं, सुरक्षा इंतजाम और इन स्थानों का सही प्रचार चाहिए। स्थानीय समुदाय को उम्मीद है कि पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन इस गति को बनाए रखेगा और शोपियां को एक जीवंत, टिकाऊ और स्वागतयोग्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शोपियां-दबजान-पीर की गली विकास प्राधिकरण (एसडीपीकेजी) ने जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आधुनिक डिजिटल साइनबोर्ड स्थापित किए। इससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों का पता चल पाएगा।
यह पहल क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को प्रचारित करने, पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन देने और उनके अनुभव को समृद्ध करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन डिजिटल साइनबोर्डों की स्थापना से स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला है। लोगों ने राहत और उम्मीद जताई कि प्रशासन आखिरकार जिले में पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस और दिखाई देने वाले कदम उठा रहा है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कश्मीर का फ्रूट बाउल कहे जाने वाले शोपियां में पिछले तीन-चार सालों से बागार बागवानी क्षेत्र भारी संकट से गुजर रहा है। लगातार ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदाएं, फसल नुकसान और बाजार में उचित दाम न मिल पाने से बागवान हताश और आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। केलर के बागवान शफीक वानी ने कहा कि सालों से फल उद्योग संकट में है। मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितता के कारण हमें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाया। अब पर्यटक स्थलों को चिह्नित कर उन पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं तो एक किरण उम्मीद नजर आ रही है।
विज्ञापन
जिले भर के लोगों ने इसका स्वागत करते हुए इसे समय पर उठाया गया सही कदम बताया। उनका मानना है कि पर्यटन के पुनरुद्धार से न केवल बाहर से पर्यटक आएंगे बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका में भी बड़ा योगदान होगा। लोग कहते हैं कि शोपियां की अभी तक अनछुई घाटियां, हरे-भरे मैदान, झरने और सांस्कृतिक धरोहर इसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं, बशर्ते सही ढंग से विकास किया जाए। बेरोजगार युवा भी इस कदम को अपने लिए अवसर मान रहे हैं। उनके अनुसार होमस्टे, गाइड सेवा, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान का कारोबार शुरू होने से रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।
युवाओं को रोजगार मिलेगा, खूबसूरत इलाकों का विकास होगा
स्थानीय युवक रईस अहमद ने कहा, हमें इस पहल से बहुत खुशी है। अगर यहां पर्यटन बढ़ा तो हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और खासकर केलर जैसे दूरस्थ लेकिन खूबसूरत इलाकों का भी विकास होगा। सिर्फ साइनबोर्ड लगाना शुरुआत मात्र है। असली विकास तभी होगा जब लगातार जमीनी काम जारी रहे।
खाली प्रतीक न बन कर रह जाएं बोर्ड
लोगों ने मांग की ये डिजिटल बोर्ड खाली प्रतीक न बन कर रह जाएं। हमें सड़क कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाएं, सुरक्षा इंतजाम और इन स्थानों का सही प्रचार चाहिए। स्थानीय समुदाय को उम्मीद है कि पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन इस गति को बनाए रखेगा और शोपियां को एक जीवंत, टिकाऊ और स्वागतयोग्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा।