ज्ञानवापी मामला: पीडीपी प्रमुख महबूबा ने लगाया आरोप- भाजपा के बयान के समर्थन में है कोर्ट का फैसला
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक मुद्दों को उछाल कर लोगों का ध्यान भटका रही है। ज्ञानवापी मामले पर कोर्ट का फैसला भाजपा के नेरेटिव के समर्थन में है।
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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ज्ञानवापी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा बेरोजगारी, महंगाई जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को उछाल रही है। ज्ञानवापी मामले पर कोर्ट का फैसला भाजपा के इस नेरेटिव के समर्थन में है।
महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि अदालतों ने फैसला सुनाया था कि 1947 में धार्मिक स्थलों की यथास्थिति को बनाए रखा जाए। भाजपा बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई को खत्म करने में नाकाम रही है। इसलिए वे सांप्रदायिक मुद्दों को उछाल कर लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। ज्ञानवापी मामले पर कोर्ट का फैसला भाजपा के इस बयान का समर्थन करता है।
इससे पहले सोमवार को जम्मू में महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जम्मू कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 बहाल होगा। गुलाम नबी आजाद और भाजपा की सोच अलग हो सकती है, लेकिन उनकी सोच सकारात्मक है।
सकारात्मक सोच के साथ देश को आजाद करवाने का काम शुरू
जम्मू में पार्टी नेताओं से बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाव में महबूबा ने कहा था, 'जब देश अंग्रेजों का गुलाम था और निराशा फैली हुई थी तब पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, शहीद ए आजम भगत सिंह आदि ने सकारात्मक सोच के साथ देश को आजाद करवाने का काम शुरू किया और अंत में देश को आजादी मिली।'
भाजपा की ज्यादती खत्म होगी
उन्होंने कहा कि इसी तरह जम्मू-कश्मीर में ऐसी आवाजें हैं जो मानती हैं कि अनुच्छेद 370 की बहाली होगी। भाजपा की ज्यादती खत्म होगी और इसी सकारात्मक सोच के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना बुलाए नवाज शरीफ की पोती की शादी में चले गए थे।
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि लाल कृष्ण अडवानी ने यासीन मलिक से हाथ मिलाया था। किसी ने सोचा था कि ऐसा होगा, लेकिन हुआ। उसकी तरह गुलाम नबी आजाद और भाजपा की सोच चाहे अलग हो लेकिन हम निराशा में आशा की किरण के साथ आगे बढ़ रहे हैं।