{"_id":"6a10c09010662d35d0098d4e","slug":"leh-ladakh-astro-week-second-day-srinagar-news-c-264-1-sr11004-111566-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: दूरबीनों से चंद्रमा व अन्य खगोलीय पिंडों का किया अवलोकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: दूरबीनों से चंद्रमा व अन्य खगोलीय पिंडों का किया अवलोकन
विज्ञापन
बच्चे दूरबीन के माध्यम से ग्रहों को उत्सुकता से निहारते हुए।स्रोत - सूचना विभाग।
- फोटो : samvad
- लामायुरु मठ में एस्ट्रो वीक फेस्टिवल के दूसरे दिन रही उत्साहपूर्ण भागीदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। पर्यटन विभाग, लद्दाख ने भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान तथा सहयोगी संस्थाओं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर वीरवार को ऐतिहासिक लामायुरु मठ में एस्ट्रो वीक फेस्टिवल के दूसरे दिन का आयोजन किया। छात्रों ने दूरबीनों से चंद्रमा, बृहस्पति और अन्य खगोलीय पिंडों का लद्दाख के स्वच्छ रात्रि आकाश के नीचे अवलोकन किया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर बिमन नाथ मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। लामायुरु हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, स्थानीय ग्रामीणों तथा मठ के भिक्षुओं ने सायंकालीन कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में खगोल विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एस्ट्रो पर्यटन को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, लेह के तकनीकी अधिकारी स्टैंजिन नोरला द्वारा जानकारीपूर्ण प्रस्तुति से हुई। उन्होंने लद्दाखी भाषा में सौरमंडल की विस्तृत जानकारी दी तथा पृथ्वी, उसके वायुमंडल, खगोलीय इतिहास और महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के बीच अंतर भी समझाया तथा बताया कि लद्दाख का स्वच्छ रात्रि आकाश खगोलीय अवलोकन के लिए क्यों आदर्श माना जाता है।
विज्ञापन
इसके बाद मोहाली स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के प्रोफेसर तथा पूर्व में बंगलूरू के रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़े रहे प्रोफेसर बिमन नाथ ने तारों, ब्रह्मांड, प्रकाश वर्ष, प्रकाश घंटे और खगोल विज्ञान में समय यात्रा की रोचक अवधारणा पर विशेष व्याख्यान दिया। उनके संबोधन ने उपस्थित लोगों को काफी प्रभावित किया और प्रतिभागियों में विशेष रुचि उत्पन्न की।
सत्रों के बाद प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम का समापन व्यावहारिक तारामंडल अवलोकन सत्र के साथ हुआ।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। पर्यटन विभाग, लद्दाख ने भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान तथा सहयोगी संस्थाओं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर वीरवार को ऐतिहासिक लामायुरु मठ में एस्ट्रो वीक फेस्टिवल के दूसरे दिन का आयोजन किया। छात्रों ने दूरबीनों से चंद्रमा, बृहस्पति और अन्य खगोलीय पिंडों का लद्दाख के स्वच्छ रात्रि आकाश के नीचे अवलोकन किया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर बिमन नाथ मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। लामायुरु हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, स्थानीय ग्रामीणों तथा मठ के भिक्षुओं ने सायंकालीन कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में खगोल विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एस्ट्रो पर्यटन को प्रोत्साहित करना था।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, लेह के तकनीकी अधिकारी स्टैंजिन नोरला द्वारा जानकारीपूर्ण प्रस्तुति से हुई। उन्होंने लद्दाखी भाषा में सौरमंडल की विस्तृत जानकारी दी तथा पृथ्वी, उसके वायुमंडल, खगोलीय इतिहास और महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के बीच अंतर भी समझाया तथा बताया कि लद्दाख का स्वच्छ रात्रि आकाश खगोलीय अवलोकन के लिए क्यों आदर्श माना जाता है।
विज्ञापन
इसके बाद मोहाली स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के प्रोफेसर तथा पूर्व में बंगलूरू के रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़े रहे प्रोफेसर बिमन नाथ ने तारों, ब्रह्मांड, प्रकाश वर्ष, प्रकाश घंटे और खगोल विज्ञान में समय यात्रा की रोचक अवधारणा पर विशेष व्याख्यान दिया। उनके संबोधन ने उपस्थित लोगों को काफी प्रभावित किया और प्रतिभागियों में विशेष रुचि उत्पन्न की।
सत्रों के बाद प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम का समापन व्यावहारिक तारामंडल अवलोकन सत्र के साथ हुआ।