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Kashmiri Saffron: केसर उत्पादन में 90% तक की गिरावट, बदलते मौसम ने पैदावार को किया बर्बाद, संकट में किसान

Sat, 22 Nov 2025 01:50 PM IST
निकिता गुप्ता यूनिस खालिक अमर उजाला नेटवर्क, पुलवामा
यूनिस खालिक अमर उजाला नेटवर्क, पुलवामा Published by: निकिता गुप्ता Updated Sat, 22 Nov 2025 01:50 PM IST
सार

कश्मीर में केसर की पैदावार इस साल 90% तक गिर गई है, जिससे किसान और व्यापारी गंभीर नुकसान में हैं। लंबे सूखे, बदलते मौसम और पारंपरिक खेतों के सिकुड़ने के कारण दाम बढ़ने के बावजूद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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Kashmiri saffron production drops by up to 90%, farmers in distress
कश्मीरी केसर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया भर में मशहूर कश्मीर का केसर उद्योग इस वक्त सबसे मुश्किल हालात से गुजर रहा है। इस बार केसर की पैदावार में 90 फीसदी तक की गिरावट आई है। केसर के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इससे किसान और व्यापारी चिंतित हैं।

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कश्मीरी केसर हाल ही के दिनों से अपने सबसे मुश्किल दौर में है। उत्पादन गिरकर आम पैदावार का 5 से 10 फीसदी रह गया है। व्यापारियों का कहना है कि 20 फीसदी तक दाम बढ़ गए हैं और आने वाले हफ्तों में दाम में और तेजी आ सकती है।
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किसानों का कहना है कि इसकी वजह लंबे समय तक सूखा, मौसम का बदलता पैटर्न और केसर के पारंपरिक खेतों का सिकुड़ना है। पांपोर के केसर उगाने वाले मोहम्मद अशरफ ने कहा कि इस साल बहुत कम पैदावार से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। पहले कभी पैदावार में इतनी गिरावट नहीं देखी।
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इस बार ज्यादातर लोगों ने मुश्किल से कुछ ग्राम ही पैदावार की। ऐसे हालात रहे तो किसान केसर की खेती छोड़ने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से उन किसानों को मुआवजा देने की अपील की है जिन्हें इस सीजन में भारी नुकसान हुआ है।

किसान बोले-कई परिवारों पर आर्थिक संकट गहराया
किसान बशीर अहमद ने कहा कि केसर की कम पैदावार से कई परिवारों पर आर्थिक संकट आ गया है। केसर रोजी-रोटी का मुख्य जरिया है। इस साल सिर्फ 5 से 10 फीसदी पैदावार हुई है। इससे रोज के खर्चे कैसे पूरे करेंगे। सरकार से अपील है कि सरकार मदद करे। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के व्यापारी अब्दुल रशीद ने कहा कि कुछ हफ्तों में ही कीमतें 20 फीसदी तक बढ़ गई हैं। बाजार में स्टॉक कम आता रहा तो जल्द ही दाम और बढ़ सकते हैं। खरीदार पहले से ही कम उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं।

साइंटिफिक मदद व बेहतर सिंचाई सिस्टम की जरूरत : अब्दुल
केसर उत्पातक किसान व सैफरन ग्रोवर्स के अध्यक्ष अब्दुल मजीद ने कहा, हमें साइंटिफिक मदद, बेहतर सिंचाई सिस्टम और जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। सरकारी मदद न मिलने से कश्मीर का केसर उद्योग गंभीर खतरे में है।

गिरावट जारी रही तो मार्केट पर दूसरे देशों का हो जाएगा कब्जा
व्यापारी मोहम्मद सुलतान ने कहा कि मांग स्थिर है लेकिन सप्लाई बहुत कम। इस असंतुलन से दाम बढ़ रहे हैं। स्थानीय पैदावार में गिरावट जारी रही तो दूसरे देशों का केसर मार्केट पर कब्जा कर सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार को सिंचाई प्रबंध सुनिश्चित करने चाहिए। जमीन को बदलने से बचाने के साथ ही मिशन सैफरन प्रोजेक्ट को मजबूत करना चाहिए। 

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