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रथ का त्याग पत्र जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नहीं मिला
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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर प्रशासन या पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह के दफ्तर को निलंबित आईपीएस अफ सर बसंत रथ का त्याग पत्र नहीं मिला है जिसकी प्रति उनके ट्विटर पेज पर पोस्ट की गई है। उन्होंने मंगलवार को फिर ट्वीट किया कि अगर उनकी प्रतिष्ठा और सुरक्षा के साथ कुछ भी गलत होता है तो इसके लिए पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह जिम्मेदार होंगे। डीजीपी के करीबी सूत्रों के मुताबिक सिंह ने रथ के आरोपों को खारिज कर दिया है।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह मुमकिन है कि भारतीय पुलिस सेवा के 2000 बैच के अधिकारी रथ का अपने ट्विटर पेज पर त्याग पत्र पोस्ट करके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का इरादा हो। रथ को निलंबित हुए अगले महीने दो साल हो जाएंगे। उन्हें जुलाई 2020 में निलंबित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि वह कदाचार और दुर्व्यवहार को लेकर अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। उन्होंने 25 जून को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस्तीफे की घोषणा की थी और संकेत दिया था कि वह कश्मीर से चुनाव लड़ सकते हैं।
वहीं, निलंबित आईपीएस अधिकारी बसंत रथ ने मंगलवार को भाजपा में शामिल होने का एक और संकेत दिया और जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की। हालांकि भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि उन्हें रथ के भाजपा में शामिल होने की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह घाटी के युवाओं में लोकप्रिय हैं लेकिन उन्होंने आज तक हमसे संपर्क नहीं किया है। फि लहाल इस विषय पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। रथ ने ट्वीट किया कि अगर भाजपा आलाकमान मुझे अनुमति देता है तो मैं उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा।
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प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह मुमकिन है कि भारतीय पुलिस सेवा के 2000 बैच के अधिकारी रथ का अपने ट्विटर पेज पर त्याग पत्र पोस्ट करके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का इरादा हो। रथ को निलंबित हुए अगले महीने दो साल हो जाएंगे। उन्हें जुलाई 2020 में निलंबित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि वह कदाचार और दुर्व्यवहार को लेकर अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। उन्होंने 25 जून को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस्तीफे की घोषणा की थी और संकेत दिया था कि वह कश्मीर से चुनाव लड़ सकते हैं।
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वहीं, निलंबित आईपीएस अधिकारी बसंत रथ ने मंगलवार को भाजपा में शामिल होने का एक और संकेत दिया और जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की। हालांकि भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि उन्हें रथ के भाजपा में शामिल होने की योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह घाटी के युवाओं में लोकप्रिय हैं लेकिन उन्होंने आज तक हमसे संपर्क नहीं किया है। फि लहाल इस विषय पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। रथ ने ट्वीट किया कि अगर भाजपा आलाकमान मुझे अनुमति देता है तो मैं उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा।
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