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लद्दाख के हितों को लेकर प्रशासनिक सेवा पर घमासान: लद्दाख प्रशासनिक कैडर पर विवाद, दो विकल्पों की उठी मांग
Mon, 11 May 2026 01:17 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
अमर उजाला नेटवर्क, लेह
Published by: Nikita Gupta
Updated Mon, 11 May 2026 01:17 PM IST
सार
लद्दाख में प्रशासनिक सेवा कैडर को लेकर विवाद बढ़ गया है, जहां एलजी प्रशासन ने अलग अधीनस्थ सेवा कैडर का प्रस्ताव दिया है। वहीं स्थानीय प्रतिनिधियों ने या तो अलग कैडर बनाने या इसे जम्मू-कश्मीर से जोड़ने और आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लद्दाख के एलजी विनय कुमार सक्सेना की ओर से लद्दाख अधीनस्थ प्रशासनिक सेवा कैडर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके जरिये ग्रुप बी (नॉन गजटेड और ग्रुप सी कैटेगरी) के पदों के लिए भर्ती होगी लद्दाख के हितों की लड़ाई लड़ रहे नुमाइंदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि लद्दाख प्रशासनिक सेवा का अलग कैडर बनाया जाए या जम्मू-कश्मीर से अटैच कर दिया जाए।
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हाईपावर कमेटी में शामिल और लद्दाख के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले सज्जाद कारगिली के अनुसार उनकी चार सूत्रीय मांगों में लद्दाख लोक सेवा आयोग का गठन शामिल है। इसके जरिये प्रदेश में राजपत्रित पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो सकेगा लेकिन एलजी प्रशासन की ओर से ऐसा नहीं किया जा रहा।
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उन्होंने साफ कहा कि या तो लद्दाख के लिए अलग प्रशासनिक कैडर बनाया जाए अन्यथा इसे जम्मू-कश्मीर के साथ अटैच किया जाए और लद्दाखवासियों को आरक्षण की व्यवस्था हो। पिछले छह साल से भर्ती का मामला रुका होने की बात करते हुए कारगिली ने अमर उजाला से कहा कि गृह मंत्री से लेकर उनके स्थानीय प्रतिनिधि तक लद्दाख के विकास की बात करते हैं, यह किस तरह का विकास है।
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अधीनस्थ प्रशासनिक सेवा कैडर से यह होगा
अधीनस्थ प्रशासनिक सेवा कैडर के जरिये लद्दाख में अधिकारियों की कमी दूर होगी और जम्मू-कश्मीर से प्रतिनियुक्ति पर निर्भरता खत्म होगी। इस सेवा का तात्पर्य केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन के अंतर्गत आने वाले ग्रुप बी नॉन गजटेड और ग्रुप सी लेवल के प्रशासनिक पदों से है। इससे लद्दाख के सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले क्लर्क, सहायक और अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों के पद भरे जाएंगे। फिलहाल केंद्र शासित प्रदेश में 3,596 अराजपत्रित पद खाली हैं।