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धनुष टूटते ही गूंजे श्रीराम के जयकारे
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Mon, 29 Sep 2014 01:33 AM IST
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अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करते हुए बड़े-बड़े योद्धाओं की उपस्थिति में जब भगवान श्री राम ने शिव के धनुष को तोड़ा तो हर कोई जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगा। यह दृश्य देखकर रामलीला मैदान में मौजूद हर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गया। सीता का स्वयंवर जीत कर राम ने हमेशा के लिए सीता को अपना बना लिया।
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रामलीला के चौथे दिन सीता स्वयंवर, ताड़का वध और परशुराम के क्रोध के दृश्य मंचित किए गए। रामलीला को देखने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे। जैसे-जैसे रामलीला का प्रसंग आगे बढ़ रहा है, इसका रोमांच बढ़ता जा रहा है। सीता स्वयंवर रावण जैसे योद्धा भी परशुराम के धनुष को नहीं तोड़ पाए।
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इसके बाद श्रीराम ने इस धनुष को तोड़ा। इसके टूटते ही सभी योद्धा चकित हो गए। वहीं, श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। हर कोई राम की लीला में लीन हो गया। उधर, धनुष के टूटते ही परशुराम भी वहां आ धमके। वह शिव धनुष को तोड़ने वाले पर आगबबूला हो गए। इसके बाद जब परशुराम को मालूम हुआ तो वह राम से परिचित हुए।
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यहां परशुराम को श्रीराम में भगवान विष्णु का रूप दिखा तो वह शांत हो गए। इसके बाद राम-सीता के साथ विवाह भी दिखाया गया। ताड़का वध का भी मंचन किया गया। गौरतलब है कि राजोरी के रामलीला क्लब की ओर से यह रामलीला आयोजित की जा रही है।
रामलीला में शहरवासियों का अच्छाखासा हुजूम उमड़ रहा है। रामलीला को लेकर शहर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। नवरात्र को लेकर भी शहर में खासी चहलपहल है। शहर के मंदिरों में सुबह शाम पूजा अर्चना करने वाले का हुजूम उमड़ रहा है। यहां दूरदराज के लोग पहुंच रहे हैं। देर रात तक भजन-कीर्तन होता है।