पहाडि़यों ने फिर मांगा एसटी दर्जा

ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी Updated Mon, 13 Apr 2015 12:54 AM IST
people demand st class
ख़बर सुनें
पहाड़ी भाषा बोलने वालों ने एक बार फिर एसटी दर्जा देने की मांग की है। रविवार को दरहाल क्षेत्र में आयोजित एक दिवसीय कांफ्रेंस में पहाड़ी लोगों ने मांग के समर्थन में राज्य सरकार पर दबाव बनाया।
यूनाइटेड पहाड़ी फोरम के बैनर तले आयोजित कांफ्रेंस में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कांफ्रेंस में काफी संख्या में युवा मौजूद रहे। फोरम के चेयरमैन जहांगीर खान ने कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि चार दशक से राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों के लोग एसटी दर्जे की मांग करते आ रहे हैं।

पूर्व सरकारों ने पहाड़ी भाषा बोलने वालों के साथ धोखा किया है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा गठबंधन सरकार पहाड़ी लोगों की मांग को गंभीरता से लेगी और इसे पूरा करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने पहाडि़यों को पांच फीसदी आरक्षण देने के घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद विधानसभा चुनावों के चलते आचार संहिता लागू हो गई। अब राज्य की मौजूदा सरकार को चाहिए कि वह तुरंत पांच फीसदी आरक्षण पहाड़ी लोगों को दे।

उन्होंने केंद्र सरकार से भी मांग को पूरा करने की अपील की है। फोरम ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हमें एसटी दर्जा नहीं दिया गया तो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया जाएगा।

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Kanpur

लापता किशोरी का शव रेलवे ट्रैक किनारे मिला

लापता किशोरी का शव रेलवे ट्रैक किनारे मिला

22 जून 2018

Related Videos

आतंकियों ने जलाया था इस लड़के का घर, कड़ी मेहनत कर बना केएएस टॉपर

हीरा हमेशा कोयले की खान से ही निकलता है। इस बात को एक बार फिर सच कर दिखाया है जम्मू और कश्मीर के अंजुम बशीर खान ने।

27 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen