{"_id":"58248a884f1c1bf67eb3a22f","slug":"pay-homage-to-the-martyrs-of-rajouri","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Nov 2016 08:26 PM IST
विज्ञापन
रैली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी शहर को पाक कबायलियों के कब्जे मुक्ति दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले राजोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहर के बलिदान भवन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं एमएलसी विबोध गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जबकि भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ शहरवासियों ने भी भाग लिया।
शहीदों की प्रतिमाओं पर फूलमालाएं चड़ा कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर एमएलसी ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज के ही दिन 11 नवंबर 1947 को पाक के कबायलियों ने राजोरी पर आक्रमण कर कब्जा कर लिया था।
पाक कबायलियों ने अल्पसंख्यक सुमदाय के हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इतना ही नहीं अपनी बहू बेटियों की इज्जत की रक्षा करने के लिए हिंदुओं ने अपनी बहू-बेटियों को खुद अपने हाथों से मार दिया था। करीब छह महीने तक पाक कबायलियों ने राजोरी पर अवैध कब्जा कर जुल्मों सितम किए थे और हजारों बेगुनाहों की मौत की नींद सुला दिया था।
विज्ञापन
करीब छह महीने बाद अप्रैल के महीने में भारतीय सेना के जांबाज जवानों ने पाक कबायलियों को उखाड़ फेंक राजोरी को स्वतंत्रता दिलाई थी। इस दौरान शहीद राजोरी वासियों और भारतीय सेना के बलिदान को राजोरीवासी कभी नहीं भूल सकते हैं।
विज्ञापन
शहीदों की प्रतिमाओं पर फूलमालाएं चड़ा कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर एमएलसी ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज के ही दिन 11 नवंबर 1947 को पाक के कबायलियों ने राजोरी पर आक्रमण कर कब्जा कर लिया था।
विज्ञापन
पाक कबायलियों ने अल्पसंख्यक सुमदाय के हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इतना ही नहीं अपनी बहू बेटियों की इज्जत की रक्षा करने के लिए हिंदुओं ने अपनी बहू-बेटियों को खुद अपने हाथों से मार दिया था। करीब छह महीने तक पाक कबायलियों ने राजोरी पर अवैध कब्जा कर जुल्मों सितम किए थे और हजारों बेगुनाहों की मौत की नींद सुला दिया था।
विज्ञापन
करीब छह महीने बाद अप्रैल के महीने में भारतीय सेना के जांबाज जवानों ने पाक कबायलियों को उखाड़ फेंक राजोरी को स्वतंत्रता दिलाई थी। इस दौरान शहीद राजोरी वासियों और भारतीय सेना के बलिदान को राजोरीवासी कभी नहीं भूल सकते हैं।