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डीसी राजोरी ने पशुपालन क्षेत्र में उपलब्धियों की समीक्षा की
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राजोरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने मंगलवार को एक बैठक में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में पशुपालन विभाग के प्रदर्शन की समीक्षा की। बैठक में मुख्य पशुपालन अधिकारी ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि जिले में दूध का उत्पादन 3.80 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
उपायुक्त ने दूध उत्पादन के तर्क के लिए प्रतिदिन 4.00 लाख लीटर का लक्ष्य रखा और विभाग से दूध सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। ताकि बेहतर बाजार प्रदान किया जा सके। इस वर्ष जिले में 150 सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा है। बैठक में बताया गया कि दूध उत्पादन में वृद्धि आईडीडीएस और अन्य योजनाओं के तहत डेयरी इकाइयों की स्थापना के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि आईडीडीएस योजना के तहत अब तक जिले में 114 डेयरी इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।
सीएएचओ ने बताया कि 63 इकाइयों के लिए 114.31 लाख रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि ट्राइबल सब प्लान के तहत दूध गांव लीरान में 51 डेयरी इकाइयां और लाम अंदरोठ में 16 इकाइयां स्थापित की गई हैं। टीएसपी के तहत 8 इकाइयां आईडीडीएस की तर्ज पर लाम में प्रक्रिया में हैं। सीएएचओ ने आगे बताया कि चारा एवं चारा विकास योजना के तहत 3 नैनो फीड मिलों की स्थापना की गई है और किसानों के बीच 34 चैफ कटर वितरित किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एकीकृत कुक्कुट विकास योजना के तहत जिले में 10 कुक्कुट इकाइयां (10 हजार पक्षियों में से 3, 5 हजार पक्षियों में से 5 और 2.5 हजार पक्षियों में से 2) की स्थापना की गई है।
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उपायुक्त ने दूध उत्पादन के तर्क के लिए प्रतिदिन 4.00 लाख लीटर का लक्ष्य रखा और विभाग से दूध सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। ताकि बेहतर बाजार प्रदान किया जा सके। इस वर्ष जिले में 150 सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा है। बैठक में बताया गया कि दूध उत्पादन में वृद्धि आईडीडीएस और अन्य योजनाओं के तहत डेयरी इकाइयों की स्थापना के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि आईडीडीएस योजना के तहत अब तक जिले में 114 डेयरी इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।
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सीएएचओ ने बताया कि 63 इकाइयों के लिए 114.31 लाख रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि ट्राइबल सब प्लान के तहत दूध गांव लीरान में 51 डेयरी इकाइयां और लाम अंदरोठ में 16 इकाइयां स्थापित की गई हैं। टीएसपी के तहत 8 इकाइयां आईडीडीएस की तर्ज पर लाम में प्रक्रिया में हैं। सीएएचओ ने आगे बताया कि चारा एवं चारा विकास योजना के तहत 3 नैनो फीड मिलों की स्थापना की गई है और किसानों के बीच 34 चैफ कटर वितरित किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एकीकृत कुक्कुट विकास योजना के तहत जिले में 10 कुक्कुट इकाइयां (10 हजार पक्षियों में से 3, 5 हजार पक्षियों में से 5 और 2.5 हजार पक्षियों में से 2) की स्थापना की गई है।
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