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जम्मू-कश्मीर में मनमर्जी की सरकार है जो नहीं चलेगी : आजाद
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राजोरी। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार का अंधा कानून चल रहा है। पूरा अमला मनमर्जी से काम कर रहा है, जो चलने वाला नहीं। राजोेरी-पुंछ दौरे में शुक्रवार को राजोरी के डाक बंगले में जनसभा को संबोधित करते हुए आजाद ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी इस कदर है कि लोग हताश होकर घूम रहे हैं। महंगाई आसमान छू रही है। पेट्रोल-डीजल, केरोसीन, रसोई गैस, कपड़े, फल सब्जियां सभी के दाम आसमान छू रहे हैं। कमरतोड़ महंगाई में लोगों का जीना मुश्किल हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में उपराज्यपाल की हुकूमत में सारे काम केंद्र के इशारे पर होते हैं। यही जम्मू-कश्मीर में भी हो रहा है।
उन्होंने कहा कि लोगों को नौकरी से न निकाला जाए और पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरियां दी जाएं। आजाद ने कहा कि सरकार को पहले किसानों के बिल नहीं लाना चाहिए था और अगर यह बिल अब वापस लिया गया है तो एमएसपी पर भी फैसला लिया जाए ताकि किसान अपनी हड़ताल खत्म कर सकें। उन्होंने कहा कि अन्य सियासी दलों को भी लोगों के बीच आकर अवाम की समस्याएं सुननी चाहिए।
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यह यूपी, हरियाणा या पंजाब नहीं
छोटे किसानों से न छीनें जमीन
आजाद ने कहा कि यहां किसानों को उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है, उन्हें बेघर करके सड़कों पर लाया जा रहा है। आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर यूपी, हरियाणा, पंजाब या कर्नाटक नहीं है, जहां के किसानों के पास हजारों कनाल जमीन होती है। जम्मू-कश्मीर के किसानों के पास कुछ कनाल जमीन होती है और यदि सरकार उनको भी उस जमीन से बेदखल कर देगी तो किसान कहां जाएंगे। चुनी हुई सरकार की लोगाें की सुनवाई कर सकती है। पाकिस्तान और चीन से घिरे जम्मू-कश्मीर में किसानों को चुनी हुई सरकार के आने तक उनकी जमीनों से बेदखल न किया जाए।
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वही कश्मीर घाटी के अलावा पूरे जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद खत्म करने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि राजोेरी पुंछ में हमारे सेना के जवानों ने बड़े मुकाबले से आतंकवाद को खत्म करने में सफलता प्राप्त किया, लेकिन कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के पीछे भाग कर उन्हें नहीं मारना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भी कहा था कि जब कोई आतंकवादी किसी मुठभेड़ से भागने का प्रयास करता है तो उसके पीछे सुरक्षा बलों को भी नहीं भागना चाहिए और जब भगा हुआ कोई आतंकवादी किसी के घर मे अस्थायी रूप से शरण लेता है तो सुरक्षा बलों को उस घर को निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि इससे सिविल लोगों का नुकसान होता है।
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उन्होंने कहा कि लोगों को नौकरी से न निकाला जाए और पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरियां दी जाएं। आजाद ने कहा कि सरकार को पहले किसानों के बिल नहीं लाना चाहिए था और अगर यह बिल अब वापस लिया गया है तो एमएसपी पर भी फैसला लिया जाए ताकि किसान अपनी हड़ताल खत्म कर सकें। उन्होंने कहा कि अन्य सियासी दलों को भी लोगों के बीच आकर अवाम की समस्याएं सुननी चाहिए।
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यह यूपी, हरियाणा या पंजाब नहीं
छोटे किसानों से न छीनें जमीन
आजाद ने कहा कि यहां किसानों को उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है, उन्हें बेघर करके सड़कों पर लाया जा रहा है। आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर यूपी, हरियाणा, पंजाब या कर्नाटक नहीं है, जहां के किसानों के पास हजारों कनाल जमीन होती है। जम्मू-कश्मीर के किसानों के पास कुछ कनाल जमीन होती है और यदि सरकार उनको भी उस जमीन से बेदखल कर देगी तो किसान कहां जाएंगे। चुनी हुई सरकार की लोगाें की सुनवाई कर सकती है। पाकिस्तान और चीन से घिरे जम्मू-कश्मीर में किसानों को चुनी हुई सरकार के आने तक उनकी जमीनों से बेदखल न किया जाए।
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वही कश्मीर घाटी के अलावा पूरे जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद खत्म करने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि राजोेरी पुंछ में हमारे सेना के जवानों ने बड़े मुकाबले से आतंकवाद को खत्म करने में सफलता प्राप्त किया, लेकिन कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के पीछे भाग कर उन्हें नहीं मारना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भी कहा था कि जब कोई आतंकवादी किसी मुठभेड़ से भागने का प्रयास करता है तो उसके पीछे सुरक्षा बलों को भी नहीं भागना चाहिए और जब भगा हुआ कोई आतंकवादी किसी के घर मे अस्थायी रूप से शरण लेता है तो सुरक्षा बलों को उस घर को निशाना नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि इससे सिविल लोगों का नुकसान होता है।