{"_id":"623a063df7da9b2ef73e8e3a","slug":"education-rajouri-news-jmu256240810","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाग्रा के तहत लिए गए स्कूल भवनों के निर्माण के संबंध में भूमि विवाद सुलझाया गया।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाग्रा के तहत लिए गए स्कूल भवनों के निर्माण के संबंध में भूमि विवाद सुलझाया गया।
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राजोरी। राज्य परियोजना निदेशक समग्रा दीप राज के निर्देश पर और उनके पर्यवेक्षण के तहत उप निदेशक बिलाल राशिद ने लंबित भूमि विवादों को सुलझाने के लिए मंगलवार को जोन कोटरंका का दौरा किया। उप निदेशक ने बताया कि हाई स्कूल संकारी का समग्रा के तहत दर्जा बढ़ा कर हायर सेकेंडरी स्कूल किया गया और शौचालयों के साथ 8 नए कमरोें का निर्माण वर्ष 2018-19 में 99 लाख रुपये के साथ स्वीकृत किया गया। भूमि उपलब्ध न होने के कारण उस पर कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका।
इसी प्रकार हाई स्कूल लरकुति सड़क से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसमें 250 से अधिक नामांकन हैं। इसमें केवल 3 कमरे हैं। उक्त स्कूल के लिए भी 99 लाख रुपये की लागत से शौचालय सहित 8 कमरे स्वीकृत किए गए, परंतु भूमि उपलब्ध न होने के कारण अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका। उक्त स्कूलों के प्रमुखोें ने बताया कि भवन न होने के कारण छात्रों को खामियाजा भुगतना पड़ा और स्कूल प्रशासन के लिए कक्षाओं का प्रबंधन करना कठिन हो रहा था।
मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य परियोजना निदेशक समग्रा दीप राज स्कूलों को अच्छा बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। निदेशक ने उप निदेशक बिलाल को संबंधित जेडईओ, हेड मास्टरोें और कर्मचारियों के साथ साइटों का दौरा करने के निर्देश दिए, ताकि मुद्दों का समाधान किया जा सके और टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। उप निदेशक के साथ जेडईओ अलफ़ दीन संबंधित हेडमास्टर अब्दुल राशिद और सीईओ कार्यालय से स्टाफ ने उक्त स्कूलों का दौरा किया और दोनों भूमि विवाद सुलझ लिए गए। कुछ ही दिनों में दोनों स्कूल भवनों का निर्माण शुरू करने के लिए सभी बाधाएं दूर कर ली गई। उप निदेशक बिलाल ने बताया कि जल्द ही दोनों भवनोें का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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इसी प्रकार हाई स्कूल लरकुति सड़क से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसमें 250 से अधिक नामांकन हैं। इसमें केवल 3 कमरे हैं। उक्त स्कूल के लिए भी 99 लाख रुपये की लागत से शौचालय सहित 8 कमरे स्वीकृत किए गए, परंतु भूमि उपलब्ध न होने के कारण अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका। उक्त स्कूलों के प्रमुखोें ने बताया कि भवन न होने के कारण छात्रों को खामियाजा भुगतना पड़ा और स्कूल प्रशासन के लिए कक्षाओं का प्रबंधन करना कठिन हो रहा था।
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मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य परियोजना निदेशक समग्रा दीप राज स्कूलों को अच्छा बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। निदेशक ने उप निदेशक बिलाल को संबंधित जेडईओ, हेड मास्टरोें और कर्मचारियों के साथ साइटों का दौरा करने के निर्देश दिए, ताकि मुद्दों का समाधान किया जा सके और टेंडर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। उप निदेशक के साथ जेडईओ अलफ़ दीन संबंधित हेडमास्टर अब्दुल राशिद और सीईओ कार्यालय से स्टाफ ने उक्त स्कूलों का दौरा किया और दोनों भूमि विवाद सुलझ लिए गए। कुछ ही दिनों में दोनों स्कूल भवनों का निर्माण शुरू करने के लिए सभी बाधाएं दूर कर ली गई। उप निदेशक बिलाल ने बताया कि जल्द ही दोनों भवनोें का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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