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ईश्वर की कृपा से मनुष्य को प्राप्त होता है लाभ
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से आयोजित कथा में प्रवचन करतीं साध्वी।
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नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वाधान में त्रियाठ में श्रीराम कथा के प्रथम दिन श्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सौम्या भारती ने कथा सुनाते हुए कहा कि संत समागम को प्राप्त करना और प्रभु की कथा का श्रवण करना जीवन का सच्चा एवं बड़ा लाभ है। जब मनुष्य के ऊपर ईश्वर कृपा करते हैं तभी यह लाभ प्राप्त होता है।
दूसरी तरफ मानव जीवन प्राप्त करके ईश्वर की भक्ति नहीं करना। जीवन की सबसे बड़ी हानि है। इसीलिए सौभाग्यशाली होते हैं वह लोग, जिन्हें जीवन में प्रभु की कथा श्रवण की प्राप्ति होती है। त्रेता युग में जब चारों तरफ आतंक था, अथर्व चरम सीमा पर पहुंच गया और चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची थी। उस समय समस्त दैवीय शक्तियां ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। हे प्रभु इस धरा पर आकर धर्म की स्थापना कीजिए और समस्त मानव जाति का उद्धार करें। प्रभु अवतरण की आधारशिला बनती है।
कथा स्थल पर स्वामी सुचेता नंद, स्वामी सुकर्म आनंद स्वामी हरिदास आनंद, श्याम लाल शर्मा, अशोक कुमार सरपंच, राकेश सूरी, तिलक राज शर्मा सरोति मौजूद रहे। कार्यक्त्रस्म का समापन आरती के साथ किया गया।
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दूसरी तरफ मानव जीवन प्राप्त करके ईश्वर की भक्ति नहीं करना। जीवन की सबसे बड़ी हानि है। इसीलिए सौभाग्यशाली होते हैं वह लोग, जिन्हें जीवन में प्रभु की कथा श्रवण की प्राप्ति होती है। त्रेता युग में जब चारों तरफ आतंक था, अथर्व चरम सीमा पर पहुंच गया और चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची थी। उस समय समस्त दैवीय शक्तियां ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। हे प्रभु इस धरा पर आकर धर्म की स्थापना कीजिए और समस्त मानव जाति का उद्धार करें। प्रभु अवतरण की आधारशिला बनती है।
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कथा स्थल पर स्वामी सुचेता नंद, स्वामी सुकर्म आनंद स्वामी हरिदास आनंद, श्याम लाल शर्मा, अशोक कुमार सरपंच, राकेश सूरी, तिलक राज शर्मा सरोति मौजूद रहे। कार्यक्त्रस्म का समापन आरती के साथ किया गया।
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