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सात साल में भी नहीं बन पाया बुद्धल में सामुदायिक केंद्र
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राजोरी। बुद्धल क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र की सुविधा का सपना करीब सात साल पहले साकार होता दिखा था। फंड्स की कमी के चलते वह सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने बुद्धल में सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए वर्ष 2015 में निर्माण शुरू किया। 64 लाख रुपये की इस परियोजना में केवल 20 फीसदी काम ही हो पाया था कि फंड्स पर ब्रेक लग गया। धन की कमी के कारण निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। 20 प्रतिशत काम में 15 लाख रुपये खर्च करके नींव भरी और दीवारें खड़ी की गईं। उसके बाद काम में किसी ने हाथ भी नहीं लगाया। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बुद्धल सामुदायिक केंद्र परियोजना 7 साल पहले 64 लाख रुपये में पूरी होनी थी। अब सात साल बाद उसकी लागत 85 लाख से 90 लाख के बीच पहुंच गई है। यदि फंड्स आने में और देरी होती है तो यह लागत एक करोड़ से भी अधिक हो जाएगी।
वहीं बुद्धल के सामुदायिक केंद्र का निर्माण अधर में लटका होने से बुद्धल के लोगों में रोष है। स्थानीय भाजपा नेता मंजूर नाइक ने कहा कि मात्र 64 लाख की परियोजना को पूरा करने में सात वर्ष लग गए। उसके बाद भी परियोजना मुकम्मल नहीं हो पाई। नाइक ने बताया कि बुद्धल पिछड़ा इलाका है। यहां अधिक लोग बीपीएल श्रेणी में आते हैं। अधिकतर लोग इतने गरीब हैं कि वह बच्चों की शादी के लिए किराए पर मैरिज हॉल आदि बुक नहीं कर सकते। इसलिए सामुदायिक केंद्र होना जरूरी है।
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लोगों ने जिला प्रशासन और उपराज्यपाल से गुहार लगाते हुए कहा कि सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए तत्काल फंड्स जारी किए जाए, ताकि आम लोगों को दिक्कतों से छुटकारा मिले और गरीबों की कुछ मदद हो सकें।
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सामुदायिक केंद्र निर्माण में कोई बड़ी समस्या नहीं है। इसके निर्माण में फंड्स की कमी का मामला है। जैसे ही फंड्स उपलब्ध होंगे, निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और समय रहते ही पूरा कर लिया जाएगा।
-जुबेर अहमद, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने बुद्धल में सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए वर्ष 2015 में निर्माण शुरू किया। 64 लाख रुपये की इस परियोजना में केवल 20 फीसदी काम ही हो पाया था कि फंड्स पर ब्रेक लग गया। धन की कमी के कारण निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। 20 प्रतिशत काम में 15 लाख रुपये खर्च करके नींव भरी और दीवारें खड़ी की गईं। उसके बाद काम में किसी ने हाथ भी नहीं लगाया। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बुद्धल सामुदायिक केंद्र परियोजना 7 साल पहले 64 लाख रुपये में पूरी होनी थी। अब सात साल बाद उसकी लागत 85 लाख से 90 लाख के बीच पहुंच गई है। यदि फंड्स आने में और देरी होती है तो यह लागत एक करोड़ से भी अधिक हो जाएगी।
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वहीं बुद्धल के सामुदायिक केंद्र का निर्माण अधर में लटका होने से बुद्धल के लोगों में रोष है। स्थानीय भाजपा नेता मंजूर नाइक ने कहा कि मात्र 64 लाख की परियोजना को पूरा करने में सात वर्ष लग गए। उसके बाद भी परियोजना मुकम्मल नहीं हो पाई। नाइक ने बताया कि बुद्धल पिछड़ा इलाका है। यहां अधिक लोग बीपीएल श्रेणी में आते हैं। अधिकतर लोग इतने गरीब हैं कि वह बच्चों की शादी के लिए किराए पर मैरिज हॉल आदि बुक नहीं कर सकते। इसलिए सामुदायिक केंद्र होना जरूरी है।
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लोगों ने जिला प्रशासन और उपराज्यपाल से गुहार लगाते हुए कहा कि सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए तत्काल फंड्स जारी किए जाए, ताकि आम लोगों को दिक्कतों से छुटकारा मिले और गरीबों की कुछ मदद हो सकें।
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सामुदायिक केंद्र निर्माण में कोई बड़ी समस्या नहीं है। इसके निर्माण में फंड्स की कमी का मामला है। जैसे ही फंड्स उपलब्ध होंगे, निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और समय रहते ही पूरा कर लिया जाएगा।
-जुबेर अहमद, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग