{"_id":"58345b154f1c1b2c2513b21a","slug":"bank-personnel-to-help-patients","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक कर्मियों ने की मरीजों की मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक कर्मियों ने की मरीजों की मदद
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2016 08:20 PM IST
विज्ञापन
bank
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को नोटबंदी के बाद आ रही परेशानियों को दूर करने के मकसद से ग्रामीण बैंक ने अस्पताल में पहुंच कर नोट बदलने का काम किया।
ग्रामीण बैंक के चेयरमैन आरके छिब्बर के दिशा निर्देश अनुसार बैंक के एरिया मैनेजर आरके नारंग सहित सीनियर मैनेजर पीपी सिंह ने जिला अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डाें में पहुंच मरीजों और उनके तीमारदारों से मुलाकात की।
विभिन्न वार्डों में भर्ती करीब 80 मरीजों और उनके तीमारदारों से 500 और 1000 के नोट लेकर उन्हें मौके पर ही सौ सौ के नोट भेंट किए गए। एरिया मैनेजर नारंग ने अधिक जानकारी देने हुए बताया कि बैंक ने करीब एक लाख रुपये के नोट बदली किए हैं।
विज्ञापन
नोट बदली के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि नोट केवल मरीजों और उनके तीमारदारों के ही बदले जाएं, किसी अन्य को इसका लाभ न हो। मौजूद मरीजों और उनके परिवार वालों ने बैंक कर्मियों को धन्यवाद दिया।
कुछ तीमारदारों ने बताया कि नोटबंदी की वजह से उन्हें तमाम परेशानियां झेलनी पड़ रहीं थी, लेकिन बैंक की मदद के बाद वो इलाज आसानी से कर सकेंगे। अब उन्हें पुराने नोटों को लेकर दरबदर भटकने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
ग्रामीण बैंक के चेयरमैन आरके छिब्बर के दिशा निर्देश अनुसार बैंक के एरिया मैनेजर आरके नारंग सहित सीनियर मैनेजर पीपी सिंह ने जिला अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डाें में पहुंच मरीजों और उनके तीमारदारों से मुलाकात की।
विज्ञापन
विभिन्न वार्डों में भर्ती करीब 80 मरीजों और उनके तीमारदारों से 500 और 1000 के नोट लेकर उन्हें मौके पर ही सौ सौ के नोट भेंट किए गए। एरिया मैनेजर नारंग ने अधिक जानकारी देने हुए बताया कि बैंक ने करीब एक लाख रुपये के नोट बदली किए हैं।
विज्ञापन
नोट बदली के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि नोट केवल मरीजों और उनके तीमारदारों के ही बदले जाएं, किसी अन्य को इसका लाभ न हो। मौजूद मरीजों और उनके परिवार वालों ने बैंक कर्मियों को धन्यवाद दिया।
कुछ तीमारदारों ने बताया कि नोटबंदी की वजह से उन्हें तमाम परेशानियां झेलनी पड़ रहीं थी, लेकिन बैंक की मदद के बाद वो इलाज आसानी से कर सकेंगे। अब उन्हें पुराने नोटों को लेकर दरबदर भटकने की जरूरत नहीं है।