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Rajouri News: बूढ़े कंधों पर बहुत भारी पड़ गए जवान बेटों के जनाजे
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एक की अभी लगी थी सरकारी नौकरी,और तय थी शादी
रविंदर शर्मा
रजोरी। जिले की थन्नामंडी के अलाल और भाटिया क्षेत्र में बकरीद की खुशियां मातम में बदल गई। लम्हों की खता ने दो परिवारों के जवान बेटे छीन लिए। उनके उम्रदराज माता-पिता पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बूढ़े कंधों पर जवान बेटों के जनाजे बहुत भारी हो गए।
जम्मू से होंडा सिटी कार में सवार होकर दो सगे भाई पारस मिर्ज़ा और शहवाल मिर्ज़ा पुत्र शाहवर मिर्ज़ा निवासी भाटिया और ज़हीर इक़बाल निवासी अलाल ईद मनाने घर आ रहे थे। राजोरी-जम्मू हाईवे स्थित भांबला क्षेत्र में कार सड़क हादसे का शिकार हो गई और उसमें सवार दो युवक ज़हीर इकबाल और पारस मिर्ज़ा की मौत हो गई। घर पर सभी उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके सड़क हादसे में घायल होने की खबर मिली। आनन-फानन में परिवार के लोग जम्मू की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उन्हें खबर मिली कि दो की मौत हो चुकी है। थन्नामंडी निवासी इमरान खान ने बताया कि दो युवकों की हादसे में अचानक मौत से दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। शनिवार को जहां एक तरफ लोग अपने घरों में ईद की खुशियां मना रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ जहीर और पारस के परिवार के लोग और अन्य परिजन उनके शवों के घर आने का इंतजार कर रहे थे। दोनों के घरों में लोगों का तांता लगा हुआ था। दोपहर करीब 4 बजे शव घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। जिसने भी इस हादसे के बारे में सुना उसकी आंखें नम हो गईं। दोनों मृतकों के माता-पिता बार-बार बेहोश हो रहे थे, क्योंकि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके बेटे जो ईद पर घर आ रहे थे, उनके शव घर पहुंचे हैं।
बताया जा रहा है कि मृतक ज़हीर की कुछ समय पहले ही स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगी थी और अब परिवार के लोग उसकी शादी की योजना बना रहे थे। परिवार वालों ने एक लड़की भी देख रखी थी, लेकिन किसी को यह नहीं मालूम था कि शादी से पहले ही वो दुनिया छोड़ देगा। इस बीच ईद वाले दिन ही शाम को नम आंखों से दोनों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया और लोगों को ईद की खुशियों को भूलने पर मजबूर कर दिया।
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रविंदर शर्मा
रजोरी। जिले की थन्नामंडी के अलाल और भाटिया क्षेत्र में बकरीद की खुशियां मातम में बदल गई। लम्हों की खता ने दो परिवारों के जवान बेटे छीन लिए। उनके उम्रदराज माता-पिता पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बूढ़े कंधों पर जवान बेटों के जनाजे बहुत भारी हो गए।
जम्मू से होंडा सिटी कार में सवार होकर दो सगे भाई पारस मिर्ज़ा और शहवाल मिर्ज़ा पुत्र शाहवर मिर्ज़ा निवासी भाटिया और ज़हीर इक़बाल निवासी अलाल ईद मनाने घर आ रहे थे। राजोरी-जम्मू हाईवे स्थित भांबला क्षेत्र में कार सड़क हादसे का शिकार हो गई और उसमें सवार दो युवक ज़हीर इकबाल और पारस मिर्ज़ा की मौत हो गई। घर पर सभी उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके सड़क हादसे में घायल होने की खबर मिली। आनन-फानन में परिवार के लोग जम्मू की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उन्हें खबर मिली कि दो की मौत हो चुकी है। थन्नामंडी निवासी इमरान खान ने बताया कि दो युवकों की हादसे में अचानक मौत से दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। शनिवार को जहां एक तरफ लोग अपने घरों में ईद की खुशियां मना रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ जहीर और पारस के परिवार के लोग और अन्य परिजन उनके शवों के घर आने का इंतजार कर रहे थे। दोनों के घरों में लोगों का तांता लगा हुआ था। दोपहर करीब 4 बजे शव घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। जिसने भी इस हादसे के बारे में सुना उसकी आंखें नम हो गईं। दोनों मृतकों के माता-पिता बार-बार बेहोश हो रहे थे, क्योंकि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके बेटे जो ईद पर घर आ रहे थे, उनके शव घर पहुंचे हैं।
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बताया जा रहा है कि मृतक ज़हीर की कुछ समय पहले ही स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगी थी और अब परिवार के लोग उसकी शादी की योजना बना रहे थे। परिवार वालों ने एक लड़की भी देख रखी थी, लेकिन किसी को यह नहीं मालूम था कि शादी से पहले ही वो दुनिया छोड़ देगा। इस बीच ईद वाले दिन ही शाम को नम आंखों से दोनों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया और लोगों को ईद की खुशियों को भूलने पर मजबूर कर दिया।
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