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एक हफ्ते बाद ही टूट गई नहर
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Thu, 02 Apr 2015 01:22 AM IST
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थन्नामंडी क्षेत्र में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा बनवाई गई नहर के मात्र एक हफ्ते बाद ही टूट जाने से विभाग की पोल खुल गई। लोगों द्वारा प्रदर्शन के बाद विभाग के एक्सईएन ने जांच का निर्देश जारी कर दिया।
जानकारी के अनुसार, थन्नामंडी स्थित कैंटी क्षेत्र में नहर की मरम्मत का कार्य एक ठेकेदार द्वारा करवाया गया था। एक हफ्ते बाद ही नहर का वह भाग, जिसे मरम्मत करवाया गया था टूटना शुरू हो गया।
मूसलाधार बारिश होने पर नहर को काफी क्षति पहुंची और नहर का कुछ भाग टुकड़े-टुकड़े हो गया। लोगों ने विभाग के ठेकेदार पर नहर की मरम्मत में हल्की गुणवत्ता वाली सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
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स्थानीय निवासी इमरान अहमद, तारिक मीर, शाहजाद अहमद ने बताया कि नहर की मरम्मत में कम गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग किया गया था, जिससे मरम्मत के मात्र एक हफ्ते बाद ही नहर टूट गई।
उन्होंने बताया कि इस नहर से सैकड़ों किसानों के खेतोें में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाता है। वहीं लोगों के प्रदर्शन के बाद विभाग के एक्सईएन नवीन शर्मा ने क्षेत्र के फील्ड स्टाफ को नहर की जांच करने का निर्देश जारी कर दिया।
फील्ड स्टाफ को कहा गया है कि मौके पर जाकर नहर में प्रयोग की गई सामग्री की जांच करें। यदि जांच में दोषी पाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, थन्नामंडी स्थित कैंटी क्षेत्र में नहर की मरम्मत का कार्य एक ठेकेदार द्वारा करवाया गया था। एक हफ्ते बाद ही नहर का वह भाग, जिसे मरम्मत करवाया गया था टूटना शुरू हो गया।
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मूसलाधार बारिश होने पर नहर को काफी क्षति पहुंची और नहर का कुछ भाग टुकड़े-टुकड़े हो गया। लोगों ने विभाग के ठेकेदार पर नहर की मरम्मत में हल्की गुणवत्ता वाली सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
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स्थानीय निवासी इमरान अहमद, तारिक मीर, शाहजाद अहमद ने बताया कि नहर की मरम्मत में कम गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग किया गया था, जिससे मरम्मत के मात्र एक हफ्ते बाद ही नहर टूट गई।
उन्होंने बताया कि इस नहर से सैकड़ों किसानों के खेतोें में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाता है। वहीं लोगों के प्रदर्शन के बाद विभाग के एक्सईएन नवीन शर्मा ने क्षेत्र के फील्ड स्टाफ को नहर की जांच करने का निर्देश जारी कर दिया।
फील्ड स्टाफ को कहा गया है कि मौके पर जाकर नहर में प्रयोग की गई सामग्री की जांच करें। यदि जांच में दोषी पाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।