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नर्सों ने बंद किया कामकाज
Rajouri
Updated Thu, 14 Aug 2014 05:30 AM IST
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राजोरी। बुधवार को जिला अस्पताल में फिर से तीमारदारों और डाक्टर के बीच मारपीट हुई। हालांकि इस बार अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने समझौता करते हुए मामले को रफा दफा कर दिया। घटना के बाद अस्पताल की नर्सों ने कामकाज बंद कर दिया। तीन दिन में दूसरी बार ऐसा हुआ है, जबकि मरीज के तीमारदार और अस्पताल प्रशासन के बीच लड़ाई हुई हो। अस्पताल में पुलिस ने अपनी चौकी हटा ली है, जिसके बाद लगातार ऐसी घटनाएं हो रही है।
जानकारी के अनुसार राजोरी का एक दंपति बुधवार अपनी बच्ची की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्ची का नाम उजमा इकबाल बताया जा रहा है। दंपति के साथ उनके कुछ रिश्तेदार भी थे। बच्ची को ग्लूकोज लगाया हुआ था, लेकिन कुछ देर बाद ग्लूकोज खत्म हो गया। तीमारदारों ने काफी बार डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ से बात की, लेकिन जब काफी देर तक कोई चेक करने नहीं आया तो तीमारदारों का गुस्सा भड़क गया और एक डाक्टर के साथ हाथापाई कर दी, लेकिन मारपीट होने से मामला टल गया। इसके बाद नर्सों ने हड़ताल कर दी। मौके पर पहुंचे मेडिकल सुपरिटेंडेंट महमूद अहमद ने तीमारदारों और डाक्टरों का मामला सुलझाया। महमूद ने कहा कि कोई बड़ा मामला नहीं था। इसे सुलझा लिया गया। मरीज के देखभाल में कोई कमी नहीं थी।
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जानकारी के अनुसार राजोरी का एक दंपति बुधवार अपनी बच्ची की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्ची का नाम उजमा इकबाल बताया जा रहा है। दंपति के साथ उनके कुछ रिश्तेदार भी थे। बच्ची को ग्लूकोज लगाया हुआ था, लेकिन कुछ देर बाद ग्लूकोज खत्म हो गया। तीमारदारों ने काफी बार डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ से बात की, लेकिन जब काफी देर तक कोई चेक करने नहीं आया तो तीमारदारों का गुस्सा भड़क गया और एक डाक्टर के साथ हाथापाई कर दी, लेकिन मारपीट होने से मामला टल गया। इसके बाद नर्सों ने हड़ताल कर दी। मौके पर पहुंचे मेडिकल सुपरिटेंडेंट महमूद अहमद ने तीमारदारों और डाक्टरों का मामला सुलझाया। महमूद ने कहा कि कोई बड़ा मामला नहीं था। इसे सुलझा लिया गया। मरीज के देखभाल में कोई कमी नहीं थी।
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