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फंड की कमी बिगाड़ रही जच्चा-बच्चा की सेहत
Rajouri
Updated Fri, 03 Jan 2014 05:48 AM IST
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राजोरी। जननी शिशु सुरक्षा योजना (जेएसवाई) का महिलाओं को लाभ मिलने में फंड की कमी आड़े आ रही है। जिला अस्पताल और संबंधित विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें चेक नहीं मिल पा रहा है। मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए योजना के तहत उन्हें 1400 रुपये दिए जाते हैं।
जिला अस्पताल में जेएसवाई के तहत 1400 रुपये के चेक लेने आई महिलाओं ने बताया कि पिछले तीन महीने से वह यहां के चक्कर लगा रही हैं। हर बार कोई न कोई बहाना बताकर चलता कर दिया जाता है। मंजाकोट क्षेत्र की सकीना अख्तर ने बताया कि अक्तूबर में उन्होंने जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। योजना के तहत मिलने वाली मदद के लिए तब से वह दस चक्कर लगा चुकी हैं। हर बार उसे फंड नहीं होने का बात कह कर लौटा दिया जाता है। नगरोटा क्षेत्र की असिफा बेगम भी दो महीनों से अस्पताल के चक्कर काट रही है, लेकिन हर बार खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। दरहाल की जान बेगम के साथ आए उसके पति ने बताया कि 1400 रुपये लेने के लिए कई चक्कर काटने पड़े हैं। ऐसे में योजना का लाभ मिलने के बजाय नुकसान हो रहा है।
क्या है जेएसवाई योजना ः एनआरएचएम के तहत जब किसी महिला का प्रसव सरकारी अस्पताल में होता है तो शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को 1400 रुपये का चेक इस योजना के तहत दिया जाता है। सरकार का मकसद इस योजना के तहत महिलाओं व शिशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
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जिला अस्पताल में जेएसवाई के तहत 1400 रुपये के चेक लेने आई महिलाओं ने बताया कि पिछले तीन महीने से वह यहां के चक्कर लगा रही हैं। हर बार कोई न कोई बहाना बताकर चलता कर दिया जाता है। मंजाकोट क्षेत्र की सकीना अख्तर ने बताया कि अक्तूबर में उन्होंने जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। योजना के तहत मिलने वाली मदद के लिए तब से वह दस चक्कर लगा चुकी हैं। हर बार उसे फंड नहीं होने का बात कह कर लौटा दिया जाता है। नगरोटा क्षेत्र की असिफा बेगम भी दो महीनों से अस्पताल के चक्कर काट रही है, लेकिन हर बार खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। दरहाल की जान बेगम के साथ आए उसके पति ने बताया कि 1400 रुपये लेने के लिए कई चक्कर काटने पड़े हैं। ऐसे में योजना का लाभ मिलने के बजाय नुकसान हो रहा है।
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क्या है जेएसवाई योजना ः एनआरएचएम के तहत जब किसी महिला का प्रसव सरकारी अस्पताल में होता है तो शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को 1400 रुपये का चेक इस योजना के तहत दिया जाता है। सरकार का मकसद इस योजना के तहत महिलाओं व शिशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
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