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नियंत्रण रेखा के गांव सावजियां में कोरोना संक्रमण के बीच सेवाएं अंजाम दे रहा है चिकित्सक,स्टाफ की कमी के चलते सफाई कर्मचारी करता
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पुंछ। की मंडी तहसील में नियंत्रण रेखा पर स्थित गांव सावजियां के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र तैनात एक मात्र आयुर्वेदिक चिकित्सक कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की जांच, गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने सहित अन्य सेवाएं अंजाम दे रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना संक्रमण की जांच कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां उपचार के लिए आने वाले किसी मरीज में कोरोना का संक्रमण है किस में नहीं, इसका पता नहीं चलने के कारण चिकित्सक अली मोहम्मद दो बार खुद संक्रमित हो चुके हैं।
अली मोहम्मद का कहना है कि यह दूर दराज का इलाका है। यहां जब देर सबेर कोई आता है तो हमें पहले उसकी जांच करनी ही पड़ती है। उसे प्राथमिक उपचार प्रदान करना पड़ता है। क्योंकि यहां से उप जिला अस्पताल मंडी 12 किलोमीटर दूर है। ऐसे में बिना जांच किए अथवा प्राथमिक उपचार दिए हम रोगी को मंडी भी नहीं भेज सकते हैं। हमने कई बार यहां कोरोना संक्रमण की व्यवस्था करने की मांग की है, परंतु कुछ नहीं हुआ है।
कभी कबार मंडी से टीम आती है जो रैपिड टेस्ट करके चली जाती है, लेकिन उसका हमें कोई ज्यादा लाभ नहीं होता है। अगर हमारे पास यहां हर समय रैपिड एंटिजन किट्स उपलब्ध हो तो हम खुद ही यहां आने वाले रोगियों का टेस्ट करने के बाद निश्चिंत होकर रोगियों की जांच कर लें।
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डॉक्टर अली मोहम्मद का कहना है कि पीएचसी में स्टाफ की कमी है। ऐसे में मेरा सहयोग देने के लिए यहां एक सफाई कर्मचारी ही मौजूद रहता है। जो अपने काम के साथ मेरी दूसरे कामों में भी सहायता करता है।
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अली मोहम्मद का कहना है कि यह दूर दराज का इलाका है। यहां जब देर सबेर कोई आता है तो हमें पहले उसकी जांच करनी ही पड़ती है। उसे प्राथमिक उपचार प्रदान करना पड़ता है। क्योंकि यहां से उप जिला अस्पताल मंडी 12 किलोमीटर दूर है। ऐसे में बिना जांच किए अथवा प्राथमिक उपचार दिए हम रोगी को मंडी भी नहीं भेज सकते हैं। हमने कई बार यहां कोरोना संक्रमण की व्यवस्था करने की मांग की है, परंतु कुछ नहीं हुआ है।
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कभी कबार मंडी से टीम आती है जो रैपिड टेस्ट करके चली जाती है, लेकिन उसका हमें कोई ज्यादा लाभ नहीं होता है। अगर हमारे पास यहां हर समय रैपिड एंटिजन किट्स उपलब्ध हो तो हम खुद ही यहां आने वाले रोगियों का टेस्ट करने के बाद निश्चिंत होकर रोगियों की जांच कर लें।
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डॉक्टर अली मोहम्मद का कहना है कि पीएचसी में स्टाफ की कमी है। ऐसे में मेरा सहयोग देने के लिए यहां एक सफाई कर्मचारी ही मौजूद रहता है। जो अपने काम के साथ मेरी दूसरे कामों में भी सहायता करता है।