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वर्षों के बाद भी नगर में नहीं हो सकी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था,डम्पिंग यार्ड के लिए नहीं हो सकी जगह की व्योवस्था
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पुंछ में कचरा डंपिंग यार्ड न होने के कारण सडक किनारे जलाया जा रहा है कचरा।
- फोटो : POONCH
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पुंछ। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पालिका की तरफ से नगर में हर दिन साफ सफाई के बाद जमा होने वाले कचरे के प्रबंधन की कोई उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके चलते प्रतिदिन कचरे को पुलस्त नदी किनारे डाला जाता है। इससे नदी का जल एवं आसपास का क्षेत्र प्रदूषित हो रहा है।
सरकार की तरफ से कई वर्ष पहले कचरा प्रबंध संयंत्र लगाने और कचरा डंपिंग यार्ड बनाने के लिए पैसा मंजूर किया गया। इसके बाद नगर पालिका और जिला प्रशासन की तरफ से डंपिंग यार्ड के लिए सबसे पहले गांव दिगवार में जगह चिह्नित की गई। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया। उसके बाद बेतार नदी किनारे जगह देखी गई। उसका भी आसपास के लोगों ने विरोध किया। उसके बाद पुलस्त एवं बेतार नदी के संगम के पास जगह देखी गई, लेकिन आज तक वहां भी डंपिंग यार्ड और कचरा प्रबंधन का काम शुरू नहीं हो पाया। इतना ही नहीं डंपिंग यार्ड न होने के कारण सफाई कर्मचारियों द्वारा नगर में कई जगह लगाए गए बड़े-बड़े कूड़ेदानों में ही कचरे को आग लगा दी जाती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में धुआं और प्रदूषण फैल रहा है। इससे लोगों में भारी रोष है।
लोगों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार की तरफ से ऐसा कचरा जलाने पर रोक लगा रखी है। तो पुंछ में एक नहीं कई जगह पर हर दिन कचरा जलाया जाता है, जिससे कचरे में पड़े पॉलीथिन से प्रदूषण के साथ ही दम घोटने वाली दुर्गंध भी उठती है। इसलिए प्रशासन को नगर पालिका से ऐसे कचरा जलाने से रोकने के उपाय करने चाहिए। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि डंपिंग यार्ड के लिए जगह फाइनल हो गई है। कुछ समय में उस पर काम भी शुरू हो जाएगा। जल्दी ही डंपिंग यार्ड बन जाने पर कचरा प्रबंधन की समस्या हल हो जाएगी।
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सरकार की तरफ से कई वर्ष पहले कचरा प्रबंध संयंत्र लगाने और कचरा डंपिंग यार्ड बनाने के लिए पैसा मंजूर किया गया। इसके बाद नगर पालिका और जिला प्रशासन की तरफ से डंपिंग यार्ड के लिए सबसे पहले गांव दिगवार में जगह चिह्नित की गई। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया। उसके बाद बेतार नदी किनारे जगह देखी गई। उसका भी आसपास के लोगों ने विरोध किया। उसके बाद पुलस्त एवं बेतार नदी के संगम के पास जगह देखी गई, लेकिन आज तक वहां भी डंपिंग यार्ड और कचरा प्रबंधन का काम शुरू नहीं हो पाया। इतना ही नहीं डंपिंग यार्ड न होने के कारण सफाई कर्मचारियों द्वारा नगर में कई जगह लगाए गए बड़े-बड़े कूड़ेदानों में ही कचरे को आग लगा दी जाती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में धुआं और प्रदूषण फैल रहा है। इससे लोगों में भारी रोष है।
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लोगों का कहना है कि एक तरफ तो सरकार की तरफ से ऐसा कचरा जलाने पर रोक लगा रखी है। तो पुंछ में एक नहीं कई जगह पर हर दिन कचरा जलाया जाता है, जिससे कचरे में पड़े पॉलीथिन से प्रदूषण के साथ ही दम घोटने वाली दुर्गंध भी उठती है। इसलिए प्रशासन को नगर पालिका से ऐसे कचरा जलाने से रोकने के उपाय करने चाहिए। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि डंपिंग यार्ड के लिए जगह फाइनल हो गई है। कुछ समय में उस पर काम भी शुरू हो जाएगा। जल्दी ही डंपिंग यार्ड बन जाने पर कचरा प्रबंधन की समस्या हल हो जाएगी।
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