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वीकएंड लाक डाउन समाप्त होते ही गुलजार होने लगे जिले के पर्यटन स्थल
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पुंछ। जिले में तीन माह से जारी लॉकडाउन के समाप्त होने के साथ ही एक बार फिर से जिले के पर्यटन स्थल गुलजार होने लगे हैं। इसके चलते गर्मी से राहत पाने और अपनों के साथ तफरी करने के इरादे से बड़ी संख्या में जिले के लोग घरों से निकले और पर्यटन स्थलों पर पहुंचे। इसके चलते शनिवार को जिले के पर्यटन स्थलों नूरी छंब, नेड़ियां, सुलतान पथरी और केरला फाल के आस पर दिन भर भरी रौनक देखने को मिली।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बुड्ढा अमरनाथ मंदिर में भी देखे गए। पर्यटन स्थलों के गुलजार होने के साथ ही उनके आसपास दुकानें चलाने वालों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। क्योंकि उनका काम फिर से चल निकला है। वीकेंड लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शनिवार को पहली बार जिले के अधिकतर पर्यटन स्थलों पर लोगों की भीड़ देखने को मिल रही थी। कई स्थलों पर इतनी अधिक भीड़ थी कि वहां लोगों को गाड़ियां पार्क करने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी। लोग परिजनों के साथ हसीन नजारों का आनंद उठाने के साथ ही पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के बीच हरी-हरी घास पर बैठे कई लोग गपशप करते तो कुछ लोग खाना पकाते नजर आ रहे थे। कई माह के बाद घरों से बाहर निकले लोगों में जहां कोरोना महामारी के कम होने के साथ ही प्रशासन की तरफ से पाबंदियों में ढील दिए जाने से खुशी का माहौल था। वहीं अधिकतर लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति रोष भी देखने को मिल रहा था लोगों का आरोप है कि जिले में कुदरत की तरफ से मालामाल पर्यटन स्थलों के विकास की तरफ ध्यान न दिए जाने से यहां पर लोगों के लिए बारिश से बचाने के लिए अथवा तेज धूप में बैठने के लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। अधिकतर पर्यटन स्थलों तक आने के लिए सही प्रकार की सड़कों का भी निर्माण तक नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि मार्च में कोरोना के चलते प्रशासन की तरफ से अन्य पाबंदियों के साथ ही वीकेंड लॉकडाउन शुरू किया गया था। इसके चलते हर हफ्ते शुक्रवार शाम सात बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन किया जा रहा था। इसके कारण लोग घरों में बंद होकर गए थे। ऐसे में सोमवार को प्रशासन की तरफ से जिले में भी वीकेंड लॉकडाउन समाप्त करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह ही मेंढर, सुरनकोट और पुंछ नगर से अधिकतर लोग गर्मी से राहत पाने एवं तफरी करने के इरादे से घरों से निकल कर पर्यटन स्थलों का रुख करने लगे थे। इससे दिन भर पर्यटन स्थल गुलजार रहे।
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इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बुड्ढा अमरनाथ मंदिर में भी देखे गए। पर्यटन स्थलों के गुलजार होने के साथ ही उनके आसपास दुकानें चलाने वालों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। क्योंकि उनका काम फिर से चल निकला है। वीकेंड लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शनिवार को पहली बार जिले के अधिकतर पर्यटन स्थलों पर लोगों की भीड़ देखने को मिल रही थी। कई स्थलों पर इतनी अधिक भीड़ थी कि वहां लोगों को गाड़ियां पार्क करने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी। लोग परिजनों के साथ हसीन नजारों का आनंद उठाने के साथ ही पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के बीच हरी-हरी घास पर बैठे कई लोग गपशप करते तो कुछ लोग खाना पकाते नजर आ रहे थे। कई माह के बाद घरों से बाहर निकले लोगों में जहां कोरोना महामारी के कम होने के साथ ही प्रशासन की तरफ से पाबंदियों में ढील दिए जाने से खुशी का माहौल था। वहीं अधिकतर लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति रोष भी देखने को मिल रहा था लोगों का आरोप है कि जिले में कुदरत की तरफ से मालामाल पर्यटन स्थलों के विकास की तरफ ध्यान न दिए जाने से यहां पर लोगों के लिए बारिश से बचाने के लिए अथवा तेज धूप में बैठने के लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। अधिकतर पर्यटन स्थलों तक आने के लिए सही प्रकार की सड़कों का भी निर्माण तक नहीं किया गया है।
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गौरतलब है कि मार्च में कोरोना के चलते प्रशासन की तरफ से अन्य पाबंदियों के साथ ही वीकेंड लॉकडाउन शुरू किया गया था। इसके चलते हर हफ्ते शुक्रवार शाम सात बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन किया जा रहा था। इसके कारण लोग घरों में बंद होकर गए थे। ऐसे में सोमवार को प्रशासन की तरफ से जिले में भी वीकेंड लॉकडाउन समाप्त करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह ही मेंढर, सुरनकोट और पुंछ नगर से अधिकतर लोग गर्मी से राहत पाने एवं तफरी करने के इरादे से घरों से निकल कर पर्यटन स्थलों का रुख करने लगे थे। इससे दिन भर पर्यटन स्थल गुलजार रहे।
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