{"_id":"61a2874a0ce1713ce17e2748","slug":"crime-poonch-news-jmu2487333171","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुंछ की बेतार नदी किनारे बारूदी सुरंग में विस्फोट से घोड़ा घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुंछ की बेतार नदी किनारे बारूदी सुरंग में विस्फोट से घोड़ा घायल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। बेतार नदी किनारे शनिवार दोपहर बाद बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से उसकी चपेट में आकर एक घोड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और पशु पालन विभाग के चिकित्सकों ने पहुंच कर घायल घोड़े का उपचार किया। पुलिस के बम निरोधक दस्ते ने क्षेत्र में मेटल डिटेक्टर से जांच की कि कहीं कोई और बारूदी सुरंग न हो। ताकि किसी अन्य जानवर अथवा इंसान को नुकसान न पहुंचे।
उधर घायल घोड़े के मालिक मोहम्मद मारूफ ने बताया कि वह नदी से रेत बजरी ढोने के काम पर अन्य दिनों की ही तरह लगा था। दो चक्कर लगाने के बाद जब तीसरे चक्कर पर आया तो एक विस्फोट हुआ, जिससे धूल एवं धुएं के गुबार से इलाका भर गया। जैसे ही धुआं कम हुआ तो देखा कि मेरा एक घोड़ा बारूदी सुरंग की चपेट में आने से घायल होकर गिरा गया। जब मैंने घोड़े के पास पहुंच कर देखा तो उसका एक पांव उड़ गया था। कुछ ही समय बाद पुलिस और जानवरों के डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए और घोड़े को पट्टी बांधने के बाद अस्पताल पहुंचाया।
मारूफ का कहना है कि हम गरीबों की रोजी रोटी का घोड़ा ही साधन है। जो इस विस्फोट से बेकार हो गया है। सरकार से आग्रह है कि हमारी मदद की जाए। उधर इस घटना के पीछे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोई बारूदी सुरंग नियंत्रण रेखा के क्षेत्र से बह कर बेतार नदी किनारे पहुंच गई होगी, जिस पर घोड़े का पांव आने से विस्फोट हो गया और घोड़ा घायल हो गया। इससे पहले भी कई बार इस प्रकार के हादसे पेश आते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर घायल घोड़े के मालिक मोहम्मद मारूफ ने बताया कि वह नदी से रेत बजरी ढोने के काम पर अन्य दिनों की ही तरह लगा था। दो चक्कर लगाने के बाद जब तीसरे चक्कर पर आया तो एक विस्फोट हुआ, जिससे धूल एवं धुएं के गुबार से इलाका भर गया। जैसे ही धुआं कम हुआ तो देखा कि मेरा एक घोड़ा बारूदी सुरंग की चपेट में आने से घायल होकर गिरा गया। जब मैंने घोड़े के पास पहुंच कर देखा तो उसका एक पांव उड़ गया था। कुछ ही समय बाद पुलिस और जानवरों के डॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए और घोड़े को पट्टी बांधने के बाद अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन
मारूफ का कहना है कि हम गरीबों की रोजी रोटी का घोड़ा ही साधन है। जो इस विस्फोट से बेकार हो गया है। सरकार से आग्रह है कि हमारी मदद की जाए। उधर इस घटना के पीछे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोई बारूदी सुरंग नियंत्रण रेखा के क्षेत्र से बह कर बेतार नदी किनारे पहुंच गई होगी, जिस पर घोड़े का पांव आने से विस्फोट हो गया और घोड़ा घायल हो गया। इससे पहले भी कई बार इस प्रकार के हादसे पेश आते रहे हैं।
विज्ञापन