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चार वर्ष बाद भी नहीं बन पाया जिले का पहला एकलव्य आवासिय स्कूल लोगों में रोष,दो वर्षो में होना था निर्माण पूरा
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पुंछ जिले के मेंढर में चार वर्ष बाद भी आधूरा निर्मित एकलव्य माडल स्कूल
- फोटो : POONCH
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पुंछ। मेंढर के निकटवर्ती क्षेत्र भेहरा में बनाया जाने वाला जिले का पहला एवं एकमात्र आवासीय शिक्षण संस्थान एकलव्य माडल स्कूल चार वर्ष बीत जाने के बाद भी बन कर तैयार नहीं हो पाया है। आज तक स्कूल के भवन की दीवारें ही बन पाई हैं। जबकि इस स्कूल को दो वष में बन कर तैयार होने के साथ ही इसमें शिक्षा गतिविधियां भी शुरू की जानी थी। परंतु ऐसा न हो पाने से क्षेत्र के लोगों में निर्माण करने वाली संस्था के प्रति रोष है।
लोगों ने उपराज्यपाल से मांग की है कि वह इस स्कूल के निर्माण को जल्दी पूरा कराएं ताकि क्षेत्र के बच्चों को इसमें शिक्षा अच्छी प्राप्त करके कुछ बनने का अवसर मिल सके। क्षेत्र निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बशीर अजीम का कहना है कि वर्ष 2018 में राज्य के तत्कालीन आदिवासी मामलों के मंत्री जुल्फकार अली ने क्षेत्रीय विधायक जावेद अहमद राणा के साथ मेंढर के गांव भेहरा में अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए कक्षा एक से दसवीं तक आवासीय एकलव्य माडल स्कूल का नींव पत्थर रखा था। 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्कूल का निर्माण दो वर्ष में पूरा किया जाना था। उसके बाद यहां पर बच्चों को विशेष कर जनजातीय बच्चों को निशुल्क दाखिला मिलना था, परन्तू आज चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस स्कूल के भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि इसमें छात्रावास, लाइब्रेरी और खेल मैदान का भी निर्माण कराया जाना था।
हम उपराज्यपाल से एकलव्य माडल स्कूल के निर्माण में हो रही देरी की जांच करवाने एंव निर्माण कार्य जल्दी पूरा करवाने की मांग करते हैं।
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लोगों ने उपराज्यपाल से मांग की है कि वह इस स्कूल के निर्माण को जल्दी पूरा कराएं ताकि क्षेत्र के बच्चों को इसमें शिक्षा अच्छी प्राप्त करके कुछ बनने का अवसर मिल सके। क्षेत्र निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बशीर अजीम का कहना है कि वर्ष 2018 में राज्य के तत्कालीन आदिवासी मामलों के मंत्री जुल्फकार अली ने क्षेत्रीय विधायक जावेद अहमद राणा के साथ मेंढर के गांव भेहरा में अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए कक्षा एक से दसवीं तक आवासीय एकलव्य माडल स्कूल का नींव पत्थर रखा था। 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्कूल का निर्माण दो वर्ष में पूरा किया जाना था। उसके बाद यहां पर बच्चों को विशेष कर जनजातीय बच्चों को निशुल्क दाखिला मिलना था, परन्तू आज चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस स्कूल के भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि इसमें छात्रावास, लाइब्रेरी और खेल मैदान का भी निर्माण कराया जाना था।
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हम उपराज्यपाल से एकलव्य माडल स्कूल के निर्माण में हो रही देरी की जांच करवाने एंव निर्माण कार्य जल्दी पूरा करवाने की मांग करते हैं।