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सिविल सोसाईटी मंडी ने उपराज्यपाल से लोगों की समस्याओं को दूर करने की मांग की
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पुंछ। सिविल सोसाइटी मंडी की ओर से शुक्रवार को मंडी कस्बे में एक बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में सोसाइटी के पदाधिकारियों एवं आम लोगों ने भाग लिया।
बैठक में मंडी तहसील में मूलभूत सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों की धीमी गति पर चिंता प्रकट करते हुए लोगों ने इस बात पर रोष प्रकट किया कि सरकार की ओर से मंडी में करोड़ों रुपये खर्च कर उपजिला अस्पताल की नई इमारत का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी है। अस्पताल में सर्जन, फिजिशियन, चाइल्ड स्पेशलिस्ट तक तैनात नहीं हैं। जिसके कारण मरीजों को छोटे-छोटे रोगों के लिए भी पुंछ लेकर जाना पड़ता है। क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है जो अब भी अधूरा ही है। अधिकतर सड़कों का केवल अर्थ वर्क ही किया गया है। बिजली और पानी की भी सप्लाई व्यवस्थित नहीं है।
सिविल सोसाइटी ने उपराज्यपाल से मंडी में मूलभूत सुविधाओं में सुधार लाने एवं लोगों की समस्याओं को दूर करने की मांग की है। इस अवसर पर सोसाइटी के पदाधिकारी अब्दुल अहमद एवं बशीर अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना महामारी के चलते पिछले कई महीनों से सोसाइटी की बैठक का आयोजन नहीं किया जा सका था। अब प्रशासन की तरफ से पाबंदियां हटाए जाने के बाद लोगों ने पहली बैठक का आयोजन किया है, ताकि क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें दूर कराने के लिए प्रशासन एवं उपराज्यपाल प्रशासन को चेताया जा सके।
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इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोरोना महामारी के कारण बंद क्षेत्र के शिक्षा संस्थानों को अगस्त से खोल दिया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई हो सके। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि एक तो मंडी तहसील का शिक्षा सत्र विंटर जोन का है, जिसकी दिसंबर में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। दूसरा तहसील की जनता गरीब है। सुविधाओं के अभाव में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
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बैठक में मंडी तहसील में मूलभूत सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों की धीमी गति पर चिंता प्रकट करते हुए लोगों ने इस बात पर रोष प्रकट किया कि सरकार की ओर से मंडी में करोड़ों रुपये खर्च कर उपजिला अस्पताल की नई इमारत का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी है। अस्पताल में सर्जन, फिजिशियन, चाइल्ड स्पेशलिस्ट तक तैनात नहीं हैं। जिसके कारण मरीजों को छोटे-छोटे रोगों के लिए भी पुंछ लेकर जाना पड़ता है। क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है जो अब भी अधूरा ही है। अधिकतर सड़कों का केवल अर्थ वर्क ही किया गया है। बिजली और पानी की भी सप्लाई व्यवस्थित नहीं है।
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सिविल सोसाइटी ने उपराज्यपाल से मंडी में मूलभूत सुविधाओं में सुधार लाने एवं लोगों की समस्याओं को दूर करने की मांग की है। इस अवसर पर सोसाइटी के पदाधिकारी अब्दुल अहमद एवं बशीर अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना महामारी के चलते पिछले कई महीनों से सोसाइटी की बैठक का आयोजन नहीं किया जा सका था। अब प्रशासन की तरफ से पाबंदियां हटाए जाने के बाद लोगों ने पहली बैठक का आयोजन किया है, ताकि क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें दूर कराने के लिए प्रशासन एवं उपराज्यपाल प्रशासन को चेताया जा सके।
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इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोरोना महामारी के कारण बंद क्षेत्र के शिक्षा संस्थानों को अगस्त से खोल दिया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई हो सके। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि एक तो मंडी तहसील का शिक्षा सत्र विंटर जोन का है, जिसकी दिसंबर में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। दूसरा तहसील की जनता गरीब है। सुविधाओं के अभाव में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।