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पाकिस्तानी गोलाबारी बंद रहने से अच्छी पैदावार की आस लगाए किसान निराष

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पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के निकटवर्ती क्षेत्र में बारिश से तबाह हुई मक्की की फसल - फोटो : POONCH
पुंछ। नियंत्रण रेखा पर चार माह से बनी शांति और पाकिस्तानी गोलाबारी बंद रहने से जहां इस बार नियंत्रण रेखा के आसपास के क्षेत्रों के किसान खेतों में अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे थे। उनकी कड़ी मेहनत से मक्की की अच्छी फसल लहलहा रही थी, लेकिन कुछ दिन से होने वाली बारी बारिश, भूस्खलन और तेज हवा ने नियंत्रण रेखा से सटे कई क्षेत्रों कस्बा, कीरनी, मंधार, गूंतरियां में मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। अच्छी फसल की आस लगाए किसानों में निराशा उत्पन हो गई है।
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फसलों को नुकसान होने से निराश किसानों ने जिला प्रशासन पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाते हुए फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेकर पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग करते हुए कस्बा निवासी किसान मोहम्मद अकबर, मोहम्मद कबीर, शब्बीर अहमद, मोहम्मद हुसैन आदि का कहना है कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान के चार पांच दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी सरकार विभाग का कोई भी अधिकारी हमारा नुकसान देखने तक नहीं आया है। इन किसानों का कहना है कि इससे पहले कई साल से पाकिस्तानी गोलाबारी से हमारी फसलें तबाह हो जाती थी। इस बार पाकिस्तानी गोलाबारी बंद होने के कारण हमें समय पर फसल बोने और उसकी गुड़ाई सफाई करने का भी मौका मिल गया था, जिससे हमें इस बार अच्छी पैदावार की आस थी, लेकिन बारिश के कारण सब कुछ बरबाद हो गया है।
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इन लोगों का कहना है कि हमारे खेतों में वर्ष में केवल एक मक्की की ही फसल पैदा होती है। उसके बरबाद होने से हम लोगों की रोजी रोटी पर बन आई है। इसलिए हमें उचित मुआवजा दिया जाए।
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