{"_id":"29-25478","slug":"Punch-25478-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिल्वर टच बर्तनों की रही भारी डिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिल्वर टच बर्तनों की रही भारी डिमांड
Punch
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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पुंछ। जिले के बाजारों में रविवार को धनतेरस के मौके पर भारी भीड़ उमड़ी। ज्यादातर महिलाएं ही बाजार पहुंची और बर्तन तथा दीपावली पूजन के लिए धातु की मूर्तियों की खरीदारी कीं। सबसे ज्यादा खरीदारी बर्तनों की ही हुई, जिसमें सिल्वर टच की सबसे अधिक मांग देखने को मिली।
रविवार का दिन होने के बावजूद बाजारों में सभी दुकानें अन्य दिनों की तरह खुली रही, जहां सुबह से बाजारों में दुकानदाराें खासकर बर्तन और मूर्तियों के विक्रेताओं ने अपनी दुकानों के बाहर नई वेरायटी का सामान सलीके से सजा रखा था। उधर, नगर में दोपहर तक बाजारों में काफी कम भीड़ देखने को मिल रही थी। पर दोपहर बाद बड़ी संख्या में लोग बाजारों पहुंचे और मनपंसद बर्तन तथा धातु से बनी लक्ष्मी-गणेश और सरस्वती माता की मूर्तियों की खरीदारी में जुटे।
बर्तन की दुकानों पर तो देर रात तक रौनक बनी रही। इस मौके पर नगर के किला बाजार में बर्तन विक्रेता प्रकाश शर्मा का कहना था कि जिस प्रकार सुबह से दोपहर तक बाजारों में बहुत कम खरीदार आ रहे थे, उसे देख कर लग रहा था कि इस बार अंतिम तिथियों में दिवाली का त्योहार आने से काम धंधा मंदा रहेगा, परंतु दोपहर बाद जिस प्रकार खरीदार आए उससे काफी हद तक काम अच्छा चला। दुकानदार रवि कुमार, नवीन शर्मा और विक्की आदि ने बताया कि हिन्दू परंपराओं के अनुसार धनतेरस को बर्तन खरीदना शुभ होता है, जिसे देखते हुए कई दिन पहले सामान मंगवाया गया था।
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रविवार का दिन होने के बावजूद बाजारों में सभी दुकानें अन्य दिनों की तरह खुली रही, जहां सुबह से बाजारों में दुकानदाराें खासकर बर्तन और मूर्तियों के विक्रेताओं ने अपनी दुकानों के बाहर नई वेरायटी का सामान सलीके से सजा रखा था। उधर, नगर में दोपहर तक बाजारों में काफी कम भीड़ देखने को मिल रही थी। पर दोपहर बाद बड़ी संख्या में लोग बाजारों पहुंचे और मनपंसद बर्तन तथा धातु से बनी लक्ष्मी-गणेश और सरस्वती माता की मूर्तियों की खरीदारी में जुटे।
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बर्तन की दुकानों पर तो देर रात तक रौनक बनी रही। इस मौके पर नगर के किला बाजार में बर्तन विक्रेता प्रकाश शर्मा का कहना था कि जिस प्रकार सुबह से दोपहर तक बाजारों में बहुत कम खरीदार आ रहे थे, उसे देख कर लग रहा था कि इस बार अंतिम तिथियों में दिवाली का त्योहार आने से काम धंधा मंदा रहेगा, परंतु दोपहर बाद जिस प्रकार खरीदार आए उससे काफी हद तक काम अच्छा चला। दुकानदार रवि कुमार, नवीन शर्मा और विक्की आदि ने बताया कि हिन्दू परंपराओं के अनुसार धनतेरस को बर्तन खरीदना शुभ होता है, जिसे देखते हुए कई दिन पहले सामान मंगवाया गया था।
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