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'सीजफायर उल्लंघन में नवाज की सहमति'
अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 26 Oct 2013 02:18 AM IST
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पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में लोगों का दर्द जानने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भारत-पाक की अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन तक पहुंचे।
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इस दौरान उन्होंने आरएसपुरा के सांबा और परगवाल के अलग-अलग गांवों के लोगों से मुलाकात की। उनका हौसला बढ़ाया और हर सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
इतना ही नहीं, पाक गोलाबारी में जख्मी होने वाले ग्रामीणों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री जीएमसी अस्पताल भी पहुंचे और उनके उपचार में किसी तरह की कोताही न बरतने के अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए।
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अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर लगातार सीजफायर के उल्लंघन पर भड़के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री होने के नाते सीजफायर का उल्लंघन नवाज शरीफ की सहमति के बिना संभव ही नहीं है। यदि ऐसा है तो फिर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से बातचीत और दोस्ती की बात करने का क्या फायदा है।
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उमर ने स्पष्ट कहा कि यदि नवाज शरीफ भारत से शांतिवार्ता के इच्छुक है तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सीजफायर का उल्लंघन न हो। उन्होंने कहा कि वे यह नहीं समझ पा रहे कि जब नवाज शरीफ बातचीत से शांति और विवादित मुद्दों के हल की बात करते हैं तो पाकिस्तान लगातार सीजफायर के उल्लंघन में लिप्त क्यों है।
सीजफायर को बरकरार रखना किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है। यदि एक देश सीजफायर का उल्लंघन करता है तो दूसरा देश भी स्पष्ट रूप से जवाबी कार्रवाई करेगा। गोलाबारी से सीमावर्ती इलाकों को जो समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं, उस पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसी का हित नहीं है लेकिन सीमावर्ती इलाकों के लोगों की जान पर खतरा जरूर बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि हमारे लोग बंकरों में रात गुजारने को मजबूर हैं। उमर ने कहा कि आज पहली बार फिर से नए बंकर बनाने की मांग उठ रही है, इससे साबित होता है कि सीमा और नियंत्रण रेखा की परिस्थितियां क्या हैं।
सीमांत ग्रामीणों की आवाज केंद्र तक उठाई
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि सीमांत इलाकों की समस्याओं को केंद्र सरकार तक उठाया गया है। उमर ने कहा कि हाल ही में जम्मू दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के साथ भी इस संबंध में विचार हुआ है। उन्होंने मामले को गंभीरता के साथ केंद्र स्तर पर रखा है।
सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले युवकों को सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों में रोजगार देने पर भी गृहमंत्री से बातचीत हुई है। उमर ने कहा कि प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए नए बंकर बनाने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।