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सेना के खिलाफ युवकों का प्रदर्शन
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:29 AM IST
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सेना की टीए बटालियन की भर्ती में धांधली का आरोप लगाते हुए युवाओं ने सोमवार को टीए 158 बटालियन मुख्यालय के बाहर जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग कर हंगामा किया।
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युवाओं ने सैन्य प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सैन्य अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं रखा। जिन युवाओं का चयन किया गया वह भर्ती होने के मानदंडों को पूरा नहीं करते थे।
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प्रदर्शनकारियों की ओर से नारेबाजी करने पर सैन्य कर्मचारी मुख्यालय के बाहर आ गए। इस बीच प्रदर्शनकारियों और सैन्य अधिकारियों के बीच बहसबाजी भी हुई। जाम के चलते हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
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बाद में सेना के जवानों ने जाम खुलवाया और यातायात बहाल करवाया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कठुआ विकास फ्रंट के बबलू जसरोटिया ने कहा कि सेना में भी धांधली बहुत दुर्भाग्यपूण है।
भ्रष्टाचार का दीमक अब सेना में भी फैलता जा रहा है। युवाओं में शामिल डिंपल शर्मा, इशाद अली ने कहा कि जंगलोट में टीए 158 बटालियन के 38 पदों के भर्ती हुई थी। उसमें चयनित होने के बाद अगली प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को भी सूची से बाहर कर दिया गया है जो राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल ग्राउंड पर कई ऐसे युवाओं को बाहर किया गया तो फिट हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के दौरान और उसके बाद की प्रक्रिया में काफी अंतर आया है।
उन्होंने कहा कि 38 पदों में 35 जीडी और तीन कर्लक पद रिक्त थे जिनके लिए भर्ती आयोजित की गई थी। लेकिन युवाओं के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं में इस बात का रोष है कि धांधली की शंका जताने के बाद भी सैन्य प्रशासन ने उन्हें संतुष्ट करने का कोई प्रयास किया गया।
सेना के उच्च अधिकारी ने बताया कि सूची बनाने और भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर कोई भी अधिकारी शामिल नहीं होता है। सूची और प्रक्रिया के लिए बाहर से टीम आती है। फिर भी यदि किसी को शंका हो तो वह मुख्यालय के नाम पत्र लिखकर जानकारी हासिल कर सकता है। धांधली की बात निराधार है।