{"_id":"60a80b288ebc3e34f903644f","slug":"weather-kathua-news-jmu2357306199","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में आंधी, तूफान से सौ घरों को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में आंधी, तूफान से सौ घरों को नुकसान
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वीरवार रात नौ बजे के लगभग जिले में अचानक तेज आंधी और तूफान ने जमकर तबाही मचाई है। लगभग आधे घंटे तक चली आंधी, तूफान और तेज हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे की दर्ज की गई है। जिले में सबसे अधिक असर कठुआ, हीरानगर, बसोहली और बिलावर के इलाकों में हुआ है। जहां कई पेड़ धराशाई हुए तो सौ से अधिक कच्चे मकानों को भी क्षति पहुंचने की जानकारी मिली है। फिलहाल दूर दराज इलाकों में नुकसान का आकलन जारी है। कई जगह सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी घंटों प्रभावित रहा है।
जानकारी के अनुसार रामकोट तहसील में 15 और बिलावर तहसील के 27 के करीब रिहायशी मकानों को क्षति पहुंची है जिनमें कई पशुशाला में भी शामिल हैं। राजस्व अधिकारियों के अनुसार दूरदराज धार डूगनू, धरालता, दारुंग, लाहडी गांव में मकानों को क्षति पहुंची है। लोहाई मल्हार क्षेत्र में भी दर्जनों मकानों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। बनी सब डिवीजन में भी दर्जन भर घरों को आंशिक नुकसान की सूचना है। कठुआ और हीरानगर के क्षेत्रो में भी कई घरों की छत उड़ने की जानकारी आई है।
डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि जिले की कुछ तहसीलों में घरों को आंशिक नुकसान की जानकारी प्राथमिक स्तर पर आई है। राजस्व टीमों को नुकसान के आकलन में लगा दिया गया है। किसी भी तरह से जान का नुकसान जिले में कहीं से भी रिपोर्ट नहीं हुआ है।
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बिजली के 50 खंभे गिरे, तारों को भी नुकसान
तूफान ने बिजली ढांचे पर भी व्यापक असर डाला है। रात नौ बजे से जिलेभर में गुल हुई बिजली सुबह आठ बजे बहाल होना शुरू कर दी गई। अधिकांश हिस्सों में फाल्ट निकालने में जुटी बिजली विभाग की टीमों ने दोपहर तक बिजली बहाली कर दी थी लेकिन सुमवां और माश्का में तूफान की तीव्रता अधिक होने से बिजली के कई खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसके बाद युद्धस्तर पर काम जारी है।
बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद शफी ने बताया कि जिलेभर में एचटी और एलटी के लगभग 50 खंभें टूट गए हैं। तूफान से हीरानगर, कठुआ और बसोहली के इलाकों में नुकसान अधिक है। सुमवां और माश्का में तूफान से हुए नुकसान के बाद वीरवार से बिजली गुल है। विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बिजली बहाली के काम में जुटी हुई हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र ने जारी की एडवाइजरी
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विशाल महाजन ने बताया कि 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा ने जिले के कई हिस्सों में नुकसान पहुंचाया है। साल में ऐसे तूफान एक आध बार ही आते हैं। बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार 23 और 24 मई को फिर भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने एडवाइजरी जारी कि है कि बनी, बसोहली, बिलावर के इलाकों में मक्की की बोआई की जा सकती है। लेकिन मैदानी इलाकों में किसान फिलहाल ऐसा न करें और जून के पहले सप्ताह तक इंतजार करें अन्यथा उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है।
आम और लीची की फसल हुई बर्बाद
कठुआ। तेज तूफान ने जिले के मैदानी इलाकों में आम की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंद्रह फीसदी तक नुकसान हुआ है जबकि किसानों की मानें तो कई जगह चालीस से पचास फीसदी तक नुकसान सामने आया है। पहाड़ी इलाकों में फलदार पौधों को ओलावृष्टि से आंशिक नुकसान की जानकारी आई है। आम की फसल के बाद लीची की फसल और खट्टे फलों को भी नुकसान की जानकारी है।
मुख्य बागवानी अधिकारी सुशील अंगुराना ने बताया कि रात में आए भारी तूफान के चलते आम की 15 और लीची 13 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद सिटरस फलों की फसल भी प्रभावित हुई है। बताया कि सबसे ज्यादा में हुआ है। क्षेत्रवार तूफान से बसोहली, बिलावर के तीस से चालीस फीसदी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
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जानकारी के अनुसार रामकोट तहसील में 15 और बिलावर तहसील के 27 के करीब रिहायशी मकानों को क्षति पहुंची है जिनमें कई पशुशाला में भी शामिल हैं। राजस्व अधिकारियों के अनुसार दूरदराज धार डूगनू, धरालता, दारुंग, लाहडी गांव में मकानों को क्षति पहुंची है। लोहाई मल्हार क्षेत्र में भी दर्जनों मकानों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। बनी सब डिवीजन में भी दर्जन भर घरों को आंशिक नुकसान की सूचना है। कठुआ और हीरानगर के क्षेत्रो में भी कई घरों की छत उड़ने की जानकारी आई है।
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डीसी कठुआ राहुल यादव ने बताया कि जिले की कुछ तहसीलों में घरों को आंशिक नुकसान की जानकारी प्राथमिक स्तर पर आई है। राजस्व टीमों को नुकसान के आकलन में लगा दिया गया है। किसी भी तरह से जान का नुकसान जिले में कहीं से भी रिपोर्ट नहीं हुआ है।
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बिजली के 50 खंभे गिरे, तारों को भी नुकसान
तूफान ने बिजली ढांचे पर भी व्यापक असर डाला है। रात नौ बजे से जिलेभर में गुल हुई बिजली सुबह आठ बजे बहाल होना शुरू कर दी गई। अधिकांश हिस्सों में फाल्ट निकालने में जुटी बिजली विभाग की टीमों ने दोपहर तक बिजली बहाली कर दी थी लेकिन सुमवां और माश्का में तूफान की तीव्रता अधिक होने से बिजली के कई खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसके बाद युद्धस्तर पर काम जारी है।
बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद शफी ने बताया कि जिलेभर में एचटी और एलटी के लगभग 50 खंभें टूट गए हैं। तूफान से हीरानगर, कठुआ और बसोहली के इलाकों में नुकसान अधिक है। सुमवां और माश्का में तूफान से हुए नुकसान के बाद वीरवार से बिजली गुल है। विभाग की टीमें युद्धस्तर पर बिजली बहाली के काम में जुटी हुई हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र ने जारी की एडवाइजरी
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विशाल महाजन ने बताया कि 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा ने जिले के कई हिस्सों में नुकसान पहुंचाया है। साल में ऐसे तूफान एक आध बार ही आते हैं। बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार 23 और 24 मई को फिर भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने एडवाइजरी जारी कि है कि बनी, बसोहली, बिलावर के इलाकों में मक्की की बोआई की जा सकती है। लेकिन मैदानी इलाकों में किसान फिलहाल ऐसा न करें और जून के पहले सप्ताह तक इंतजार करें अन्यथा उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है।
आम और लीची की फसल हुई बर्बाद
कठुआ। तेज तूफान ने जिले के मैदानी इलाकों में आम की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंद्रह फीसदी तक नुकसान हुआ है जबकि किसानों की मानें तो कई जगह चालीस से पचास फीसदी तक नुकसान सामने आया है। पहाड़ी इलाकों में फलदार पौधों को ओलावृष्टि से आंशिक नुकसान की जानकारी आई है। आम की फसल के बाद लीची की फसल और खट्टे फलों को भी नुकसान की जानकारी है।
मुख्य बागवानी अधिकारी सुशील अंगुराना ने बताया कि रात में आए भारी तूफान के चलते आम की 15 और लीची 13 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद सिटरस फलों की फसल भी प्रभावित हुई है। बताया कि सबसे ज्यादा में हुआ है। क्षेत्रवार तूफान से बसोहली, बिलावर के तीस से चालीस फीसदी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।