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अधिकांश केंद्रों पर वैक्सीन का फिर टोटा
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लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए केंद्र सरकार टीकाकरण को प्राथमिकता देने की वकालत कर रही है। वहीं जिले में लोगों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
एक सप्ताह से जिले के अधिकतर टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन ही नहीं है। वहीं अब सीमित तौर पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ही टीका लगाया जा रहा है। इसकी वजह से जिले के विभिन्न स्थानों से टीकाकरण के लिए विभिन्न आयु वर्ग के लोग जीएमसी कठुआ पहुंच रहे हैं। यहां भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि सामाजिक दूरी के नियम का पालन भी नहीं हो रहा है। शनिवार को बाकायदा पुलिस को टीकाकरण केंद्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमान संभालनी पड़ी।
जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का 88 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो चुका है। इसमें हीरानगर के बाद बसोहली मेडिकल ब्लाक में भी सौ फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया गया है। परोल ब्लाक में 99 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो चुका है, तो वहीं बनी में 69 और बिलावर में 70 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो चुका है। लेकिन 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए टीके की डोज सीमित सप्लाई में और कई दिनों के अंतराल पर मिल रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण केंद्रों पर प्राथमिकता पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए डोज उपलब्ध है। फिलहाल 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को जीएमसी में टीकाकरण किया जा रहा है। ऐसे में यहां संख्या बढ़ गई है।
कर्मचारियों के लिए वैक्सीनेशन जरूरी, जीएमसी में कतार में लगना बना मजबूरी
कंडी क्षेत्र के अमाला से आए सुदेश कुमार का कहना है कि वह गोविंदसर स्थित एक निजी इकाई में काम करते हैं, जहां उन्हीं कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है, जिन्होंने वैक्सीनेशन करवाया है। पिछले 1 सप्ताह से उनके गांव के सेंटर में वैक्सीनेशन बंद होने के कारण उन्हें मजबूरन जीएमसी कठुआ आना पड़ा है, लेकिन यहां भी लंबी कतारें लगी हैं।
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एक सप्ताह से जिले के अधिकतर टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन ही नहीं है। वहीं अब सीमित तौर पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ही टीका लगाया जा रहा है। इसकी वजह से जिले के विभिन्न स्थानों से टीकाकरण के लिए विभिन्न आयु वर्ग के लोग जीएमसी कठुआ पहुंच रहे हैं। यहां भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि सामाजिक दूरी के नियम का पालन भी नहीं हो रहा है। शनिवार को बाकायदा पुलिस को टीकाकरण केंद्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमान संभालनी पड़ी।
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जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का 88 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो चुका है। इसमें हीरानगर के बाद बसोहली मेडिकल ब्लाक में भी सौ फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया गया है। परोल ब्लाक में 99 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो चुका है, तो वहीं बनी में 69 और बिलावर में 70 फीसदी से अधिक टीकाकरण हो चुका है। लेकिन 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए टीके की डोज सीमित सप्लाई में और कई दिनों के अंतराल पर मिल रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण केंद्रों पर प्राथमिकता पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए डोज उपलब्ध है। फिलहाल 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को जीएमसी में टीकाकरण किया जा रहा है। ऐसे में यहां संख्या बढ़ गई है।
कर्मचारियों के लिए वैक्सीनेशन जरूरी, जीएमसी में कतार में लगना बना मजबूरी
कंडी क्षेत्र के अमाला से आए सुदेश कुमार का कहना है कि वह गोविंदसर स्थित एक निजी इकाई में काम करते हैं, जहां उन्हीं कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है, जिन्होंने वैक्सीनेशन करवाया है। पिछले 1 सप्ताह से उनके गांव के सेंटर में वैक्सीनेशन बंद होने के कारण उन्हें मजबूरन जीएमसी कठुआ आना पड़ा है, लेकिन यहां भी लंबी कतारें लगी हैं।