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दन्ना जानू पंचायत में नेताओं का प्रवेश बंद
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गर्भवती महिला को उपचार के लिए पालकी से लेकर जाते लोग, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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बसोहली। उपमंडल के कई इलाके आज भी सड़क से वंचित हैं। यहां करोड़ों रुपये खर्च कर हर गांव को सड़कों से जोड़ने की बात की जाती है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। आज भी लोग ऊबड़-खाबड़ मार्गों, नालों और पहाड़ों से पैदल यात्रा करने को मजबूर हैं।
दन्ना जानू पंचायत के लोग बीते वर्षों में कई बार सड़क बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन, हर बार उनकी मांग को अनदेखा कर दिया गया। सड़क न होने के कारण लोग मीलों पैदल चल कर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। यहां से उन्हें आगे जाने के लिए यात्री वाहन मिलता है।
सोमवार को आपातकालीन स्थिति में एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों ने पालकी का सहारा लिया। उस महिला को कंधों पर उठाकर करीब चार किलोमीटर पैदल चल मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया। वहां से उसे वाहन में बैठाकर 50 किलोमीटर दूर उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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दन्ना जानू पंचायत के जोगिंदर सिंह ने सभी राजनैतिक पार्टियों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नेताओं को उनके गांव के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। करीब 30 वर्षों से सड़क बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन न तो प्रशासन, न सरकार और न ही जनप्रतिनिधि ने लोगों की मांगों को गंभीरता से लिया। इस सड़क को बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री भी लोगों को आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन यह सड़क आज तक नहीं बन पाई।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी गांव में विकास न होने पर नाराज लोग चुनाव का बहिष्कार करने के पक्ष में थे। लेकिन, केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वासन देकर रोक लिया था। इस बार लोगों ने साफ तौर पर सभी राजनैतिक दलों को चेतावनी दी है, कि उनके गांव में प्रवेश न करें। अगर उनके गांव में कोई भी नेता प्रवेश करता है, तो वे उसका स्वागत जूतों का हार पहनाकर करेंगे। बड़े-बड़े नेताओं के चुनावी वादे केवल वोट ठगने तक सीमित रहे हैं। वोट लेने के बाद कोई काम नहीं किया गया। इस बार इस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना चुके हैं।
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दन्ना जानू पंचायत के लोग बीते वर्षों में कई बार सड़क बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन, हर बार उनकी मांग को अनदेखा कर दिया गया। सड़क न होने के कारण लोग मीलों पैदल चल कर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। यहां से उन्हें आगे जाने के लिए यात्री वाहन मिलता है।
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सोमवार को आपातकालीन स्थिति में एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों ने पालकी का सहारा लिया। उस महिला को कंधों पर उठाकर करीब चार किलोमीटर पैदल चल मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया। वहां से उसे वाहन में बैठाकर 50 किलोमीटर दूर उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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दन्ना जानू पंचायत के जोगिंदर सिंह ने सभी राजनैतिक पार्टियों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नेताओं को उनके गांव के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। करीब 30 वर्षों से सड़क बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन न तो प्रशासन, न सरकार और न ही जनप्रतिनिधि ने लोगों की मांगों को गंभीरता से लिया। इस सड़क को बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री भी लोगों को आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन यह सड़क आज तक नहीं बन पाई।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी गांव में विकास न होने पर नाराज लोग चुनाव का बहिष्कार करने के पक्ष में थे। लेकिन, केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वासन देकर रोक लिया था। इस बार लोगों ने साफ तौर पर सभी राजनैतिक दलों को चेतावनी दी है, कि उनके गांव में प्रवेश न करें। अगर उनके गांव में कोई भी नेता प्रवेश करता है, तो वे उसका स्वागत जूतों का हार पहनाकर करेंगे। बड़े-बड़े नेताओं के चुनावी वादे केवल वोट ठगने तक सीमित रहे हैं। वोट लेने के बाद कोई काम नहीं किया गया। इस बार इस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना चुके हैं।