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गराशन डीलर को बदलने की उठाई मांग
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राशन की समस्या लेकर डीसी कार्यालय पहुंची वार्ड 2 निवासी महिलाएं। संवाद
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। राशन डीलर की कार्यप्रणाली के चलते सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे राशन से वंचित वार्ड-2 के लोगों ने जिला प्रशासन से उनके राशन डिपो को उनके वार्ड में स्थानांतरित किए जाने की मांग की है। सोमवार को स्थानीय महिलाओं ने उपायुक्त राहुल यादव से मिलकर उन्हें समस्या की जानकारी दी है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मधुबाला ने बताया कि उनके वार्ड के लोगों के लिए निर्धारित राशन डिपो उनके मोहल्ले से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण वहां होने वाले राशन वितरण के बारे में हमेशा जानकारी देर से मिलती है। जब वह लोग राशन लेने के लिए जाते हैं तो राशन डीलर से उन्हें राशन खत्म होने का जवाब मिलता है। जब सरकार द्वारा हर उपभोक्ता को राशन उपलब्ध कराने के लिए बायोमैट्रिक पहचान उपलब्ध कराई गई है तो उनके हिस्से का राशन कैसे खत्म हो जाता है। यह आज तक समक्ष में नही आया है। वहीं बुजुर्ग पुष्पा देवी ने कहा कि उनके घर से काफी दूर स्थित राशन डिपो होने के कारण उन्हें कई-कई माह बाद ही राशन मिल पाता है। दो माह से उन्हें राशन डीलर द्वारा चावल नहीं दिया गया है।
शिष्टमंडल में शामिल नीलम देवी का कहना है सरकार द्वारा हर राशन कार्ड धारक को परिवार के सदस्यों के अनुसार पांच किलो राशन देने का प्रावधान बनाया है। इसमें एक किलो चावल और चार किलो आटा या फिर गेहूं शामिल है, लेकिन डीलर द्वारा चावल तो दिया ही नहीं जा रहा है। गेहूं भी चार किलो के बजाए मात्र तीन किलो ही दिया जा रहा है। इससे साफ है कि राशन डीलर द्वारा उन्हें राशन का वितरण करने में घपला किया जा रहा है। महिलाओं ने उनके साथ हो रहे इस घपले का बंद करने के लिए राशन डीलर बदलने की मांग की है।
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उपायुक्त ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल मधुबाला ने बताया कि उनके वार्ड के लोगों के लिए निर्धारित राशन डिपो उनके मोहल्ले से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण वहां होने वाले राशन वितरण के बारे में हमेशा जानकारी देर से मिलती है। जब वह लोग राशन लेने के लिए जाते हैं तो राशन डीलर से उन्हें राशन खत्म होने का जवाब मिलता है। जब सरकार द्वारा हर उपभोक्ता को राशन उपलब्ध कराने के लिए बायोमैट्रिक पहचान उपलब्ध कराई गई है तो उनके हिस्से का राशन कैसे खत्म हो जाता है। यह आज तक समक्ष में नही आया है। वहीं बुजुर्ग पुष्पा देवी ने कहा कि उनके घर से काफी दूर स्थित राशन डिपो होने के कारण उन्हें कई-कई माह बाद ही राशन मिल पाता है। दो माह से उन्हें राशन डीलर द्वारा चावल नहीं दिया गया है।
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शिष्टमंडल में शामिल नीलम देवी का कहना है सरकार द्वारा हर राशन कार्ड धारक को परिवार के सदस्यों के अनुसार पांच किलो राशन देने का प्रावधान बनाया है। इसमें एक किलो चावल और चार किलो आटा या फिर गेहूं शामिल है, लेकिन डीलर द्वारा चावल तो दिया ही नहीं जा रहा है। गेहूं भी चार किलो के बजाए मात्र तीन किलो ही दिया जा रहा है। इससे साफ है कि राशन डीलर द्वारा उन्हें राशन का वितरण करने में घपला किया जा रहा है। महिलाओं ने उनके साथ हो रहे इस घपले का बंद करने के लिए राशन डीलर बदलने की मांग की है।
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उपायुक्त ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।