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Kathua News: ढाई करोड़ बने जसरोटा विधानसभा में तीन स्टेडियम, खेलने लायक एक भी नहीं
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नन्न गांव में अविकसित पड़ा स्टेडियम। संवाद
- फोटो : kathua
-किसी मैदान में घास उगी तो कोई समतल ही नहीं, पानी की भी सुविधा नहीं
गोल्डी शर्मा
कठुआ। सरकार की ओर से हर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री कप का आयोजन करना आसान नहीं है। कारण, खेल मैदानों की खस्ता हालत है। ढाई करोड़ की लागत से जसरोटा विधानसभा में तीन बड़े स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए गए हैं, लेकिन एक भी प्रतियोगिता करवाने के लायक नहीं है।
जसरोटा विधानसभा के ब्लाक बरनोटी की पंचायत बरवाल, बुद्धि और नन्न तीनों में खेल मैदान हैं। तीनों ही मैदान समतल नहीं हैं। मैदानों के चारों तरफ पत्थर बिखरे हैं। मैदानों में अलग-अलग खेलों के कोर्ट नहीं हैं। सिवाय चारदीवारी कोई सुविधा नहीं है। मैदान में घास ही नजर आती है। सफाई यहां कभी हुई नहीं। खिलाड़ियों के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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परनन्न...चेंजिंज रूम के शौचालय बंद, दरवाजों पर दीमक
नन्न पंचायत के परनन्न गांव में खेल परिषद ने 85 लाख की लागत से एक एकड़ भूमि पर खेल मैदान बनाया है। इसमें तीन लाख रुपए ग्रामीण विकास विभाग ने खर्च किए हैं। इसका निर्माण वर्ष 2021-22 में शुरू हुआ, जो कागजों में एक साल बाद पूरा गया, लेकिन पूर्व पंचायत सदस्य सेवानिवृत करतार सिंह के अनुसार निर्धारित फंड में खेल परिषद ने केवल चेंजिंग रूम बनाया है। इसमें चार शौचालय हैं, जो बंद हैं। खिड़कियों और दरवाजों को दीमक लगी है। संबंधित विभाग को सूचना देने के बाद भी देखभाल के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
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बुद्धि...पवेलियन का ढांचा नहीं हो पाया पूरा
बुद्धि में खेल मैदान का खेल परिषद ने वर्ष 2019-20 में शुरू किया। अब तक 44 लाख 26 हजार खर्च किए जा चुके हैं। इसका बचा हुआ काम पूरा करवाने के लिए 14 लाख का टेंडर लगा है। अभी तक यहां चहारदीवारी, मुख्यद्वार, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, एक बास्केटबॉल मैदान के अलावा मैदान को समतल बनाया गया है। पवेलियन का ढांचा पूरा नहीं हो पाया है।
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बरवाल...पवेलियन बना,लेकिन प्रतियोतिया नहीं हुई
बरवाल के खेल मैदान पर 29 लाख की लागत से खेल परिषद ने पवेलियन का निर्माण करवाया है। यह शोपीस बनकर रह गया है। मैदान का अन्य कार्य ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के तहत हुआ है। अभी भी कोई खेल प्रतियोगिता नहीं हो पाई है। मैदान के चारों तरफ घास है। पवेलियन तक पहुंचना ही जोखिम भरा काम है।
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जसरोटा विधानसभा में बने तीन खेल मैदानों में से दो पर खेल परिषद की ओर से निर्माण किया हुआ है। जबकि अन्य में परिषद ने सिर्फ पवेलियन ही बनाया है। जितना फंड़ निर्धारित किया गया था उन पर लगा जा चूका है। बाकी शेष कामों को मैदान अपग्रेडेशन के तहत विकसित किया जाएंगा। अगर कहीं भी निर्माण कार्यों में कोताही भर्ती गई है तो इसका संज्ञान लिया जाएगा।
-नुजहत गुल, सचिव खेल परिषद जम्मू-कश्मीर।
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गोल्डी शर्मा
कठुआ। सरकार की ओर से हर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री कप का आयोजन करना आसान नहीं है। कारण, खेल मैदानों की खस्ता हालत है। ढाई करोड़ की लागत से जसरोटा विधानसभा में तीन बड़े स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए गए हैं, लेकिन एक भी प्रतियोगिता करवाने के लायक नहीं है।
जसरोटा विधानसभा के ब्लाक बरनोटी की पंचायत बरवाल, बुद्धि और नन्न तीनों में खेल मैदान हैं। तीनों ही मैदान समतल नहीं हैं। मैदानों के चारों तरफ पत्थर बिखरे हैं। मैदानों में अलग-अलग खेलों के कोर्ट नहीं हैं। सिवाय चारदीवारी कोई सुविधा नहीं है। मैदान में घास ही नजर आती है। सफाई यहां कभी हुई नहीं। खिलाड़ियों के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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परनन्न...चेंजिंज रूम के शौचालय बंद, दरवाजों पर दीमक
नन्न पंचायत के परनन्न गांव में खेल परिषद ने 85 लाख की लागत से एक एकड़ भूमि पर खेल मैदान बनाया है। इसमें तीन लाख रुपए ग्रामीण विकास विभाग ने खर्च किए हैं। इसका निर्माण वर्ष 2021-22 में शुरू हुआ, जो कागजों में एक साल बाद पूरा गया, लेकिन पूर्व पंचायत सदस्य सेवानिवृत करतार सिंह के अनुसार निर्धारित फंड में खेल परिषद ने केवल चेंजिंग रूम बनाया है। इसमें चार शौचालय हैं, जो बंद हैं। खिड़कियों और दरवाजों को दीमक लगी है। संबंधित विभाग को सूचना देने के बाद भी देखभाल के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
बुद्धि...पवेलियन का ढांचा नहीं हो पाया पूरा
बुद्धि में खेल मैदान का खेल परिषद ने वर्ष 2019-20 में शुरू किया। अब तक 44 लाख 26 हजार खर्च किए जा चुके हैं। इसका बचा हुआ काम पूरा करवाने के लिए 14 लाख का टेंडर लगा है। अभी तक यहां चहारदीवारी, मुख्यद्वार, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, एक बास्केटबॉल मैदान के अलावा मैदान को समतल बनाया गया है। पवेलियन का ढांचा पूरा नहीं हो पाया है।
बरवाल...पवेलियन बना,लेकिन प्रतियोतिया नहीं हुई
बरवाल के खेल मैदान पर 29 लाख की लागत से खेल परिषद ने पवेलियन का निर्माण करवाया है। यह शोपीस बनकर रह गया है। मैदान का अन्य कार्य ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के तहत हुआ है। अभी भी कोई खेल प्रतियोगिता नहीं हो पाई है। मैदान के चारों तरफ घास है। पवेलियन तक पहुंचना ही जोखिम भरा काम है।
जसरोटा विधानसभा में बने तीन खेल मैदानों में से दो पर खेल परिषद की ओर से निर्माण किया हुआ है। जबकि अन्य में परिषद ने सिर्फ पवेलियन ही बनाया है। जितना फंड़ निर्धारित किया गया था उन पर लगा जा चूका है। बाकी शेष कामों को मैदान अपग्रेडेशन के तहत विकसित किया जाएंगा। अगर कहीं भी निर्माण कार्यों में कोताही भर्ती गई है तो इसका संज्ञान लिया जाएगा।
-नुजहत गुल, सचिव खेल परिषद जम्मू-कश्मीर।