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स्वर्ण पदक जीतकर लौटे रितिक का गांव में हुआ भव्य स्वागत
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हीरानगर। नागालैंड में हुई 56 नेशनल क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में अंडर-18 बालक वर्ग की छह किमी दौड़ में सबसे तेज भागकर स्वर्ण पदक जीतने वाले रितिक शर्मा का उनके गांव सलालपुर में बुधवार को भव्य स्वागत हुआ। पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें सम्मानित भी किया।
इस चैंपियनशिप में 26 राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 26 मार्च को 6 किमी दौड़ में सबसे तेज भागकर रितिक के स्वर्ण पदक जीतने की खबर जैसे गांव पहुंची थी, पूरा गांव खुशी से झूम उठा था। बेसब्री से रितिक के लौटने का इंतजार लोग कर रहे थे। सबसे ज्यादा उत्साहित वहां के युवा दिखे। जिनके लिए वह एक प्रेरणा बनकर लौटे हैं। पंचायत के सरपंच विनय शर्मा के नेतृत्व में लोगों का एक दल रितिक को रिसीव करने के लिए कठुआ रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से उसे ढोल नगाड़ों के साथ गांव तक लाए।
गांव में उन्हें हार पहनाने के लिए लोग उमड़ पड़े। उसके दोस्तों ने उसे कंधों पर उठाकर अपनी खुशी का इजहार किया। रितिक ने घर पहुंचकर सबसे पहले अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा उनके सहयोग से ही आज वह यहां तक पहुंच पाया है। इसी दौरान युवाओं से मिलने के बाद रितिक ने उन्हें भी खेलों के लिए प्रेरित किया। सरपंच ने कहा हमारी पूरी पंचायत के लिए ये गर्व की बात है कि यहां के एक सामान्य परिवार के युवक ने पंचायत और प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
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इस चैंपियनशिप में 26 राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 26 मार्च को 6 किमी दौड़ में सबसे तेज भागकर रितिक के स्वर्ण पदक जीतने की खबर जैसे गांव पहुंची थी, पूरा गांव खुशी से झूम उठा था। बेसब्री से रितिक के लौटने का इंतजार लोग कर रहे थे। सबसे ज्यादा उत्साहित वहां के युवा दिखे। जिनके लिए वह एक प्रेरणा बनकर लौटे हैं। पंचायत के सरपंच विनय शर्मा के नेतृत्व में लोगों का एक दल रितिक को रिसीव करने के लिए कठुआ रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से उसे ढोल नगाड़ों के साथ गांव तक लाए।
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गांव में उन्हें हार पहनाने के लिए लोग उमड़ पड़े। उसके दोस्तों ने उसे कंधों पर उठाकर अपनी खुशी का इजहार किया। रितिक ने घर पहुंचकर सबसे पहले अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा उनके सहयोग से ही आज वह यहां तक पहुंच पाया है। इसी दौरान युवाओं से मिलने के बाद रितिक ने उन्हें भी खेलों के लिए प्रेरित किया। सरपंच ने कहा हमारी पूरी पंचायत के लिए ये गर्व की बात है कि यहां के एक सामान्य परिवार के युवक ने पंचायत और प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
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