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Kathua News: कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ
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शहर के प्राचीन बावली स्थित वृद्धाश्रम में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य कलश यात्रा के साथ शुक्रवार को शुभारंभ किया गया। आश्रम परिसर से निकाली गई इस यात्रा में ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल भक्तों के जयघोष और भजन-कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
कलश यात्रा शहर की प्राचीन बावलियों पर पहुंची। वहां भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और कलशों को बावली के पवित्र जल से भरा गया। जल भरने के बाद यात्रा वापस आश्रम परिसर में आकर संपन्न हुई। आश्रम में विधि-विधान से पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई।
इस अवसर पर कथा व्यास पंडित विकास शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत पुराण की महत्ता बताई। उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मानव के एक जन्म के नहीं अपितु कई जन्मों के पापों का नाश होता है और शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है।
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कलश यात्रा शहर की प्राचीन बावलियों पर पहुंची। वहां भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और कलशों को बावली के पवित्र जल से भरा गया। जल भरने के बाद यात्रा वापस आश्रम परिसर में आकर संपन्न हुई। आश्रम में विधि-विधान से पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई।
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इस अवसर पर कथा व्यास पंडित विकास शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत पुराण की महत्ता बताई। उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मानव के एक जन्म के नहीं अपितु कई जन्मों के पापों का नाश होता है और शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है।
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